सरायअकिल, पश्चिमशरीरा नगर पंचायत मंझनपुर, सरायअकिल व पश्चिमशरीरा का दशहरा मेला रविवार रात भरत मिलाप के साथ सकुशल संपन्न हो गया। दोनों भाइयों के मिलन को देख दर्शकों की आंखें भर आईं। इसके बाद रात में रोशनी व आकर्षक चौकियाें का आनंद दर्शकों ने लिया।
नगर पंचायत मंझनपुर में रविवार को दशहरे मेले का दूसरा दिन था। इस दिन मेले में भरत मिलाप का मंचन किया गया। मेले में आए दर्शकों की भीड़ से मंचन स्थल खचाखच भरा रहा। रात 12 बजे दो भाइयों के मिलन को देख दर्शकों की आंखें डबडबा आईं। इसके बाद मेले में आए लोगों ने रोशनी से जगमग आकर्षक चौकियों, साउंड प्रतियोगिता का आनंद उठाया। सरायअकिल संवाददाता के मुताबिक कस्बे में भगवान शिव-पार्वती सहित आधा दर्जन आकर्षक चौकियां भरत मिलाप के दिन मेले में निकाली गईं। यह चौकियां कस्बे के व्यापारी समाज द्वारा निकाली गई थीं। यहां पर आरडीएल की चौकी प्रथम, अग्रहरी समाज की दूसरा व केसरवानी समाज की चौकी को तीसरा स्थान मिला।
यहां भी राम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न के मिलन को देख दर्शक भावविभोर हो उठे। भारत मिलाप के साथ दोनों कस्बों का दशहरा मेला सकुशल संपन्न हो गया। पश्चिम शरीरा संवाददाता के मुताबिक स्थानीय बाजार में दशहरा मेले के दूसरे दिन भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इस मौके पर बाजार को विद्युत झालरों से सजाया गया था। मेले में हजारों की संख्या में आए दर्शकों ने राम-भरत मिलाप के नजारे को देख गदगद रहे। इसके अलावा मेले में दर्जनभर आकर्षक चौकियां निकाली गई। यहां पर बकासुर की चौकी प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित की गई। यह चौकी अंधावा गांव के हरीशंकर सिंह के नेतृत्व में निकाली गई थी। इसके अलावा पांच चौकियों को द्वितीय पुरस्कार से मेला कमेटी ने नवाजा। इस मौके पर मुहर्रम अली, मेला संरक्षक संजय मिश्र, संतोष कौशल सहित कमेटी के पदाधिकारी मेले की निगहबानी करते नजर आए।
सरायअकिल में सीताहरण लीला का हुआ मंचन
सरायअकिल। नगर पंचायत सराय अकिल में रविवार को सीताहरण लीला का मंचन कलाकारों ने किया। सीताजी से भेष बदलकर भिक्षा लेने पहुंचा रावण जब अपने असली भेष में आया और हरण कर लंका ले जाने लगा तो सीताजी का विलाप सुनकर दर्शकों की आंखें भर आईं।