टेंवा स्थित जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम। संवाद
जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के दावों के बीच जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाल व्यवस्था खिलाड़ियों के सपनों पर भारी पड़ रही है।
मानसून की पहली बारिश के साथ ही मैदान में जलभराव होने लगा है। सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में एथलेटिक्स खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास प्रभावित हो रहा है। इससे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर संकट गहरा गया है।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्तमान में खेलो इंडिया योजना के 30 और एथलेटिक्स के 25 से अधिक खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं। विडंबना यह है कि जिले को खेलो इंडिया योजना के तहत एथलेटिक्स के लिए चयनित किया गया है, लेकिन आज तक खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल सकी है।
स्टेडियम में अभ्यास करने वाली खिलाड़ी रचना और खिलाड़ी रवि, अनुराग, संजय और अभिषेक का कहना है कि बारिश के बाद मैदान कीचड़ और पानी से भर जाता है। ऐसे में दौड़ का अभ्यास करना जोखिम भरा हो जाता है। उनका कहना है कि यदि जल्द सिंथेटिक ट्रैक नहीं बना तो दूसरे जिलों के खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।
खिलाड़ियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द स्थायी समाधान करेगा।