म्योहर गांव में बना मूत्रालय। स्रोत- ग्रामीण
म्योहर गांव में सार्वजनिक पेशाब घर के निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है। एक ग्रामीण का आरोप है कि सचिव ने निर्माण के संबंध में उसे दो अलग-अलग जानकारियां दी गईं। सचिव का कहना कि दो निर्माण की जानकारियां दी गईं। शिकायतकर्ता भ्रमित हैं। फिलहाल मुद्दा डीपीआरओ तक पहुंचा है। अब जांच होगी।
म्योहर के आनंद कुमार ने बताया कि गांव में पेशाब घर का निर्माण हुआ है। करीब दो साल पहले हुए निर्माण को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था कि इसके निर्माण से गांव के लोगों को लाभ नहीं होगा। उन्होंने आईजीआरएस पर इसकी शिकायत की। इस पर सचिव संदीप कुमार ने रिपोर्ट दी कि यह निर्माण ग्राम पंचायत निधि से नहीं, प्रधान ने निजी तौर पर कराया फिर ग्राम पंचायत को दान कर दिया है।
करीब दो माह पहले आरटीआई का प्रयोग किया गया। इस पर सचिव ने 20 जनवरी 2025 को ग्राम पंचायत की ओर से निर्माण कराए की जानकारी दी। आनंद के आरोप पर सचिव ने बताया कि दो पेशाब घर का निर्माण आसपास किया गया है। एक को ग्राम प्रधान ने अपनी निजी धनराशि से कराया है।
इधर, आनंद का कहना है कि पहली बार जब शिकायत की गई तो दूसरा निर्माण ग्राम पंचायत निधि से करा दिया गया। उन्होंने डीपीआरओ को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग की है।
ग्रामीण की शिकायत मिली है। इसको लेकर सचिव से जवाब मांगा जाएगा। यदि कहीं कोई लापरवाही उजागर हुई तो सचिव पर कार्रवाई होगी। - अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ