धनतेरस पर शुक्रवार को लोगों ने सुबह से लेकर देर शाम तक जमकर खरीदारी की। इससे बाजारों में चहल-पहल रही। व्यापारियों का अनुमान है कि लगभग 30 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। दिवाली के लिए लोगों ने लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति के साथ ही पूजा सामग्री की भी खरीदारी की।
धनतेरस पर जरूरी सामानों की खरीद के लिए मंझनपुर, सिराथू, सरायअकिल, अझुवा, भरवारी, मनौरी, पश्चिमशरीरा आदि बाजारों में चहल-पहल रही। हर तबके के लोगों ने कुछ न कुछ खरीदा। सर्राफा कारोबार इस बार जरूर ढीला रहा। इसके बाद भी बाजार में लोगों की भीड़ बनी रही। बाइक व कार की खरीदारी ने पिछले साल के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। बाजारों में बर्तन व इलेक्ट्रानिक उपकरणाें की भी जमकर बिक्री हुई। प्रकाश होंडा के एजेंसी मालिक प्रकाश जायसवाल ने बताया कि जनपद में लगभग 500 दोपहिया गाड़ियाें की बिक्री हुई है। इनमें अधिकांश स्कूटी है। सरायअकिल में बजाज की एजेंसी संचालक विजय केशरवानी ने बताया कि जिले में 150 से ज्यादा बाइकें बजाज कंपनी की बिकी हैं। बजाज की स्कूटी न होने के कारण दूसरी कंपनियाें के वाहन बिके। 50 से ज्यादा ट्रैक्टर भी बिके हैं। इनके अलावा 16, 17 कारों की भी खरीदारी हुई है। इलाहाबाद से खरीदी जाने वाली गाड़ियों का ब्योरा व्यापारियों ने कौशांबी के कारोबार में नहीं जोड़ा है।
वाशिंग मशीन, रंगीन टीवी आदि की खरीदने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। परिवार के साथ लोग दुकानों पर गए और अपनी पसंद का सामान खरीदकर ले गए। व्यापारियों का मानना है कि अबकी लगभग 30 करोड़ का कारोबार हुआ है। पिछले साल यह आंकड़ा 26 करोड़ के आसपास था। व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश अग्रहरि ने बताया कि पिछले साल की तुलना में यह वर्ष दुकानदारों के लिए बेहतर रहा। सर्राफा कारोबारी पन्नालाल वर्मा का कहना है कि इस वर्ष सर्राफा बाजार कमजोर रहा। आभूषण की खरीदारी में लोगों की दिचस्पी कम रही। पिछले साल की तुलना में 20 से 30 फीसदी की गिरावट देखी गई। बताया जाता है कि धनतेरस पर सरायअकिल व भरवारी अव्वल रहे। भरवारी में खरीदारी के लिए आसपास कई गांवों व कस्बों के लोग पहुंचे। सरायअकिल भी इस मामले में पीछे नहीं रहा। दोनों कस्बों में सुबह से बाजार में ग्राहक उतरे तो देर शाम तक वह बने रहे।