मूरतगंज (ब्यूरो)। दोआबा के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था दिन ब दिन बत्तर होती जा रही है। मूरतगंज पीएचसी में भर्ती प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन कागजों पर खिलाया जा रहा है। इसके अलावा डॉक्टरों ने भी मनमानी की सीमा पार कर दी है। इसे लेकर बीमारों और तीमारदारों में गुस्सा है। चार दिन पहले अस्पताल में हंगामा भी हुआ था। मामले में सीएमओ ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में डिलेवरी के लिए जाने वाली प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन दिए जाने का नियम है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके बाद भी जिले के अधिकतर अस्पतालों में प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन दोनों ही नहीं दिया जा रहा है। मूरतगंज क्षेत्र के राजीव पासवान आदि का कहना है कि स्थानीय पीएचसी में प्रसूताओं को पिछले कई दिनों से भोजन, नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वह बाहर से खाद्य सामग्री खरीदकर खाने को मजबूर हैं। आरोप है कि इस अस्पताल में प्रसूताओं से वसूली भी की जाती है। इसे लेकर चार दिन पहले एक प्रसूता के तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा था। इलाकाई लोगों की मानें तो यहां तैनात डॉक्टर भी कभी-कभी ही अस्पताल आते हैं। लोगों ने इसकी शिकायत भी कई दफा अधिकारियों से की। पर, किसी ने ध्यान नहीं दिया। मामले में सीएमओ डॉ. राजकुुमार मिश्र का कहना है कि यदि भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है, और डॉक्टर मनमानी कर रहे हैं तो इसकी जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।