चायल। चायल नगर पंचायत कार्यालय सभागार में शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में उस वक्त असहज स्थिति बन गई, जब टाउन एरिया के सीमा विस्तार का प्रस्ताव रखते ही अध्यक्ष नाराज होकर सदन से बाहर चले गए। इससे पहले सदस्यों ने 20 विकास परियोजनाओं के लिए तकरीबन 1.67 करोड़ के प्रस्ताव रखे गए। अध्यक्ष का हस्ताक्षर नहीं होने से प्रस्ताव शासन को नहीं भेजे जा सके।
चेयरमैन अमर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह दस बजे टाउन एरिया कार्यालय में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें सभासदों ने कहा कि नगर की साफ-सफाई, नाला खुदाई, नाले की सफाई, अतिक्रमण हटाने सहित कार्य के लिए जरूरत पड़ने पर किराये का बुलडोजर लाना पड़ता है। कई बार समय से बुलडोजर नहीं मिलता है। साथ ही भुगतान भी अधिक करना पड़ता है। ऐसे में अपना बुलडोजर खरीदने का प्रस्ताव रखा।
डेंगू, संचारी रोग जैसे बीमारियों से बचाव के लिए कस्बे में फाॅगिंग मशीन की आवश्यकता जताई गई। विभिन्न मोहल्लों में प्रकाश के लिए 400 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाने का प्रस्ताव रखा गया। सभी वार्डों पेयजल आपूर्ति के लिए ओपन पाइप लाइन, बोरिंग, पानी एटीएम, सबमर्सिबल ट्यूबवेल के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए लिफ्ट खरीदने की जरूरत बताई गई।
सभासदों ने पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार गृह एवं जलकर को अधिक बताया। कहा कि नए सिरे से सर्वे कराकर इसे ठीक कराया जाना आवश्यक है। लाइसेंस शुल्क लागू करने का भी प्रस्ताव रखा। कुल मिलाकर तकरीबन 1.67 करोड़ से 20 विकास परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया। अंत में सभासदों ने जैसे ही नगर के सीमा विस्तार का प्रस्ताव रखा अध्यक्ष नाराज हो बैठक छोड़ बाहर चले गए।
नतीजतन बाकी अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव पर भी बोर्ड की मुहर नहीं लग सकी। जबकि बैठक में मौजूद सभासद हरी सिंह, गुड्डी देवी, राजू, सुदर्शन सिंह, विनीता, सोनकर, सीमा देवी, गुड्डू, राजकुमार, रहनुमा खातून, माया देवी के साथ ही अधिशासी अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने हस्ताक्षर कर दिया था, लेकिन अध्यक्ष का हस्ताक्षर नहीं होने के कारण प्रस्ताव शासन को नहीं भेजे जा सके।
सभासदों के आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ आवश्यक कार्य पड़ने के कारण बोर्ड की बैठक छोड़कर जाना पड़ा। अब दोबारा बैठक बुलाकर प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।
-चेयरमैन अमर सिंह