मजदूर दिवस के मौके पर मंगलवार को करारी में सामाजिक संगठनों की ओर से सभा का आयोजन किया गया। मजदूरों ने संगठित होकर हक के लिए आवाज बुलंद करने का ऐलान किया।
करारी में सामाजिक संस्था जन संगठन, द्वाबा जन मंच, नारी मुक्ति मंच व कौशाम्बी बीड़ी मजदूर मंच की ओर से सभा का आयोजन किया गया था। इसे संबोधित करते हुए दोआबा जन मंच के संयोजक परवेज रिजवी ने कहा कि राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर पर उत्पीड़ित मजदूरों का नेतृत्व करने वाले कई जन संगठन और कई राजनीतिक दल पहले से ही हैं। इसके बाद भी श्रमिकों का हौसला बढ़ाने की कोशिश होनी चाहिए। अधिकार के लिए मजदूरों को खुद आगे आना होगा। संगठित होकर आवाज बुलंद करनी होगी। तभी इंसाफ मिलेगा। कहा कि सरकारें पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य आदि जरूरतों का लगातार निजीकरण होता जा रहा है।
देश की पूंजी लगभग सवा सौ घरानों के बीच में सिमटती जा रही है। निजी कंपनियां मुनाफा खोरी के चक्कर में मशीनों से काम करा रही हैं और मजदूर बेरोजगार होते जा रहे हैं। सभा को मो. रेहान ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बडे़लाल, वारिस अली, सुदामा प्रसाद, मुकेश कुमार, जद्दन भाई, संतोष बाबू, डा. श्याम चन्द्र केसरवानी, मजलिसी, इरशाद अहमद, विनोद चौधरी, आदि मौजूद रहे।
वहीं लोक मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल ने कहा कि अधिकारों के लिए मजदूरों को खुद आगे आना होगा। इसके लिए संगठित होना जरूरी है। जागरूकता के अभाव में मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार को ओसा स्थित नवीन मंडी में परमहंस परमानंद महराज सेवा समिति द्वारा आयोजित मजदूर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मजदूरों के लिए सरकार द्वारा संचालित 18 योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि जागरूकता के अभाव में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सम्मेलन को पूर्व ब्लॉक प्रमुख ऊंचाहार बीएन मौर्या व प्रदीप कुमार अलखनंद ने भी संबोधित किया। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया था। सम्मेलन में राजेश कुमार कुशवाहा, कलीम सिद्दीकी, अजय कुमार, सुरेंद्र सिंह, रमेश भारतीय, उत्तम सिंह पटेल समेत तमाम मजदूर नेता एवं श्रमिक मौजूद रहे।