मंझनपुर (ब्यूरो)। इमाम हुसैन की शहादत के चालीसवें पर रविवार को जिलेभर में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। ताबूत अलम के साथ जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने सीनाजनी, नौहाख्वानी करते हुए उनकी शहादत को याद किया। इससे पहले इमामबाड़ों में हुई मजलिस में मौलानाओं ने तकरीर करते हुए इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। कहा कि इमाम की शहादत इंसानियत का संदेश देती है।
कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत के 40 दिन पूरे होने के मौके पर रविवार को चेहल्लुम का जुलूस इमाम बारगाह से निकाला गया। मंझनपुर के साथ करारी और जिले के अन्य कस्बों से भी जुलूस निकालकर लोगों ने इमाम की याद में आंसू बहाए। करारी के चमनगंज और अंसारगंज से निकाले गए जुलूस में ताबूत और अलम के साथ निकले अकीदतमंदों ने इमाम की याद में सीनाजनी, नौहाख्वानी की। कदीमी रास्तों से होता हुआ जुलूस कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। इससे पहले करारी के चमनगंज मोहल्ले में स्थित चौधरी कादिर अली के इमामबाड़े पर मजलिस हुई। इसमें तकरीर करते हुए मौलाना सैयद जमीर हसन रिजवी ने इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। कहाकि उन्होंने अपनी शहादत देकर दुनिया को इंसानियत का संदेश दिया है।