कोरोना महामारी के चलते विधायक निधि पर चली कैंची ने विधायकों के सामने दिक्कतें खड़ी कर दी है। छह महीने में उनके यहां काम का अंबार लग गया है। सड़क, खड़ंजा, हैंडपंप आदि का काम ठप पड़ा होने से वे क्षेत्र में जाने से भी कतरा रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं की मांग के लिए पहुंचने वाली क्षेत्रीय जनता को संबंधित विभागों के जरिए काम कराने का आश्वासन दिया जा रहा है। वहीं, अंदरखाने की खबर है कि चुनाव करीब होने का हवाला देकर तमाम विधायक शासन पर निधि को जल्द बहाल करने का दबाव बना रहे हैं।
वैश्विक महामारी कोविड के चलते आर्थिक संकट से परेशान प्रदेश सरकार ने विधायकों को सालाना मिलने वाली दो करोड़ की विधायक निधि पर रोक लगा दी है। जबकि, इसके जरिए ही विधायक अपने क्षेत्र में लोगों की मांग के मुताबिक काम कराते थे। निधि की रकम से ही क्षेत्र में सड़क, खड़ंजा, नाली, पेयजल, गरीबों का इलाज, हैंडपंप आदि जरूरी काम कराए जाते थे। लेकिन, इस पर लगी रोक से विधायकों के जरिए होने वाले यह सभी काम बंद हैं। इसके बाद भी विधायकों तक पहुंचने वाले फरियादियों की संख्या में कोई कमी नहीं हो रही है। रोजाना चायल, मंझनपुर व सिराथू विधायकों के आवास एवं कार्यालय में दर्जनों लोग अपने काम को लेकर पहुंचते हैं।
ज्यादातर लोग हैंडपंप, खड़ंजा, नाली, सड़क की मांग करते हैं। जेब खाली होने से विधायक आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। विधायक अब संबंधित विभागों के माध्यम से काम कराने की बात समझा-बुझाकर फरियादियों को लौटा देते हैं। जिले के तीनों विधायक सत्ताधारी दल के हैं। इसलिए कोई भी फिलहाल खुलकर विधायक निधि को लेकर बोलने को राजी नहीं हैं। लेकिन, दबे मन से सभी का मानना है कि विधायक निधि बहाल नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
विधायक निधि मिलने पर जनता की जरूरतें पूरी करने में आसानी होती थी। अब थोड़ा दिक्कत हो रही है। फिर भी, विभिन्न विभागों के जरिए जरूरी काम कराए जा रहे हैं। सदन में कुछ विधायकों ने निधि बहाली की मांग भी उठाई है। सरकार इस पर विचार कर रही है।
शीतला प्रसाद पटेल-विधायक, सिराथू
जनता की अपेक्षाएं तो हम लोगों से होती ही हैं। हमारे पास काम को लेकर लोग आते हैं। कोशिश रहती है किसी न किसी विभाग के माध्यम से उनकी समस्याएं दूर कराई जाएं। हमारी ओर से पीडब्लूडी, जलनिगम आदि विभागों के जरिए काम कराए जा रहे हैं।
संजय कुमार गुप्ता, विधायक चायल
विधायक निधि पर रोक से थोड़ा दिक्कत जरूर हो रही है। तमाम लोग हैंडपंप, खड़ंजा, संपर्क मार्ग, बीमारी आदि की समस्या लेकर आते हैं। आरईडी, जलनिगम, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों के जरिए जनता की समस्याओं को दूर कराने की कोशिश की जाती है।
लाल बहादुर- विधायक, सदर