यमुना की तराई में स्थित टिकरा पीएचसी प्रभारी एसपी सिंह करीब तीन महीने से मेडिकल अवकाश पर हैं। इससे पीएचसी आने वाले मरीजों को इलाज के लिए करीब 12 किमी दूर सरसवां जाना पड़ता है। चर्चा है कि पीएचसी प्रभारी का इलाहाबाद में पुलिस आफिस के समीप एक नर्सिंगहोम हैं। जहां सुबह से लेकर देर शाम तक इलाज करते हैं। पीएचसी में उपस्थिति दर्ज करने वाली बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद से ही वह बीमार हुए हैं।
टिकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तीन महीने से बिना डॉक्टर के ही संचालित है। शुक्रवार को अस्पताल में फार्मासिस्ट वीरेंद्र सिंह, वार्ड ब्वाय चुन्नीलाल और स्वीपर रमेश कुमार ही अस्पताल में मौजूद रहे। अस्पताल का सारा कामकाज यही निपटा रहे थे। एक दो मरीज भी आएं तो फार्मासिस्ट ने उन्हें दवाएं दी। इसके अलावा गंभीर मरीजों को सरसवां पीएचसी भेज दिया जाता है। फार्मासिस्ट वीरेंद्र सिंह, चुन्नीलाल व रमेश कुमार ने बताया कि पीएचसी प्रभारी डॉ. एसपी सिंह है। वह तीन महीने से मेडिकल अवकाश पर हैं। बताया कि वह यहां करीब 11 साल से तैनात हैं। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद से ही डॉक्टर साहब ने अवकाश लिया है। टिकरा गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी यहां प्रभारी को नहीं देखा है। ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी प्रभारी का इलाहाबाद में पुलिस आफिस के समीप नर्सिंगहोम है। यह शहर का चर्चित अस्पताल है।