संदीपनघाट क्षेत्र के मूरतगंज बाजार स्थित निजी अस्पताल में बुधवार देर शाम प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए अस्पताल को सील कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संदीपन घाट थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी करन पटेल ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार शाम पत्नी नेहा (24) को मूरतगंज बाजार स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्हें सामान्य प्रसव का भरोसा दिलाकर 10 हजार रुपये जमा कराए गए। कुछ देर बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि समय पर आवश्यक उपचार और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने से पत्नी और नवजात की मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल का चिकित्सकीय स्टाफ मौके से चला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया है। जांच समिति में दो अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एक महिला चिकित्साधिकारी और सीएचसी आलमचंद के प्रभारी डॉ. कुश शर्मा को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
वहीं सीओ चायल शिवांक सिंह ने बताया कि मेडिकल रिव्यू और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।