सहालग शुरू होते ही मांगलिक कार्यक्रमों के लिए बर्तन बाजार में रौनक बढ़ गई है। शादी-विवाह, तिलक और अन्य रस्मों के लिए लोग पीतल और तांबे के बर्तनों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस बार महंगाई ने ग्राहकों की जेब पर असर डाला है। पीतल और तांबे के दामों में करीब 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे बिक्री प्रभावित होती नजर आ रही है।
छह फरवरी से सहालग का सीजन शुरू हुआ है। करारी चौराहा और अशोक नगर स्थित बर्तन बाजार में शनिवार को काफी लोग खरीदारी करते नजर आए। कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक जरूरत तो पूरी कर रहे हैं, लेकिन वजन और संख्या में कटौती कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार लोग पहले की तुलना में हल्के वजन के बर्तन चुन रहे हैं या विकल्प के तौर पर स्टील के बर्तनों को तरजीह दे रहे हैं।
बर्तन कारोबारी शिवम रस्तोगी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार पीतल और तांबे की कीमतों में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि तिलक की रस्म में इस्तेमाल होने वाली पीतल की थाल पहले साढ़े पांच किलो वजन की खरीदी जाती थी, लेकिन अब ग्राहक साढ़े चार किलो या उससे कम वजन की थाल लेकर काम चला रहे हैं।
इसी तरह पैर पूजन में लगने वाली छोटी परात और पचहड़ के लिए लोग पीतल-तांबे की जगह स्टील के बर्तन खरीद रहे हैं। हालांकि, तोहफे में देने के लिए डिनर सेट और अन्य बर्तनों की मांग बनी हुई है। कुल मिलाकर सहालग में बाजार में चहल-पहल तो है, लेकिन महंगाई के चलते ग्राहकों का रुझान सीमित खरीदारी की ओर बढ़ गया है।
एक नजर में धातुओं के भाव
धातु भाव (प्रतिकिलो में)
पीतल 800-1000 रुपये
तांबा 1100 रुपये
कांसा 800 रुपये
स्टील 220 रुपये
अप्रैल में बेटी की शादी है। दाम बढ़ने से खरीद में पीतल व तांबे के बर्तन कम करने पड़े हैं। स्टील व नॉनस्टिक के सिर्फ उपयोगी बर्तन ही बजट के हिसाब से खरीदे हैं।
- गंगासागर पांडेय
बर्तनों के दाम में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। ग्राहक कम वजन के बर्तन खरीद रहे हैं। ग्राहकों की पसंद को देखते हुए बर्तन लाए गए हैं।
- मोहन श्याम केसरवानी
गंगा सागर पांडेय
गंगा सागर पांडेय