मानसून की दस्तक से पहले गांवों में नालों और नालियों की सफाई के सरकारी दावे कागजों में तो दर्ज हो गए हैं। लेकिन धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। विकास खंड कौशाम्बी के 57 गांवों में चलाया जा रहा नाला सफाई अभियान कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र के कोसम खिराज, मुस्तफाबाद, कोसम इनाम, सतारगंज, बेरुई, रक्सवारा, सोंधिया सहित अधिकतर गांवों में नालियां और नाले लंबे समय से जाम हैं। ढेकहाई और ढोकसहा में नालों में कूड़ा-कचरा जमा होने से पानी का निकास बाधित हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नालियों से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। वहीं गंदे पानी और जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। क्षेत्र के बबोली पंडा, उमाशंकर, बब्लू पांडेय, बुधई, सियम्बर दिवाकर आदि ने बताया कि समस्या पर कई बार ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक सफाई के लिए कोई टीम गांव नहीं पहुंची।
गांव के नाले नालियां चोक है सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। उसमें से उठने वाली दुर्गंध से जीना दुश्वार है। -अरविंद त्रिपाठी, ढोकसहा
गांव में सफाई कर्मचारी नहीं आता सड़क पर गंदा पानी जमा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बरसात के दिनों में रास्ते पर पानी भर जाने से होती है। -मुकेश तिवारी,सोधिया
कई गांवों में नाले और नालियों के जाम होने की जानकारी मिली है। 13 जून से अभियान चलाकर इसकी सफाई करवाई जाएगी। - नीरज मिश्रा, एडीओ पंचायत