शिक्षा के बिना अधिकार मिल पाना संभव नहीं है। क्योंकि ज्ञान के बिना अधिकारों की जानकारी ही नहीं हो पाती। जिस दिन समाज शिक्षित हो जाएगा। अधिकार की लड़ाई खत्म हो जाएगी। ये बातें शनिवार को मंझनपुर में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम में न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कही।
बता दें कि मुख्यालय स्थित डायट मैदान में शनिवार को डीएसएचआरडी (डिवोटेड सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिफार्मेशन एंड डेवलपवमेंट) की ओर से मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें बतौर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहाकि समाज का हर व्यक्ति अपने मूल अधिकारों को जाने और उसका हनन कतई बर्दाश्त नहीं करे। जरूरत पड़े तो इसके लिए कानून के दायरे में रहकर संघर्ष भी किया जाए।
न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने कहाकि मानवाधिकार के प्रति समाज को जागरूक किए जाने की जरूरत है। लोग जागरूक होंगे तो खुद ही अपने अधिकार का हनन नहीं होने देंगे। जिला जज उमेश कुमार ने कहाकि अपने अधिकार की लड़ाई लड़ना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। इस लड़ाई में किसी को भी पीछे नहीं हटना चाहिए। संगठन के चेयरमैन आरके गुप्ता ने कहाकि जिले के लोगों को यदि किसी तरह की कोई शिकायत है। कहीं उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है तो वे इसकी शिकायत संगठन से करें। सभी की समस्या को गंभीरता से लेकर उसका समाधान कराया जाएगा। इस मौके पर आरके जायसवाल, डॉ. नईम हाशमी, अतर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।