जिले के ढाई हजार गरीबों को सीएम योगी ने बड़ी सौगात दी है। अब ये ढाई हजार गरीब झुग्गी-झोपड़ी नहीं बल्कि पक्के आवास में रहेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इनको यह लाभ दिया जाएगा। सरकार गठन के दूसरे ही दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का 30 करोड़ 67 लाख 20 हजार रुपये का बजट जिले को प्राप्त हो गया है। बजट मिलते ही अधिकारियों ने वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने जिले का लक्ष्य भी बढ़ा दिया है। पहले आवास आवंटन का लक्ष्य 7235 था, अब इसे बढ़ाकर 9791 कर दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त अबकी बार आई है।
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 7 हजार 235 लोगों को आवास वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। विधान सभा चुनाव के चलते चयनित पात्रों के खाते में आवास की रकम नहीं पहुंच सकी थी। चुनाव खत्म होने के बाद अधिकारियों ने चयनित पात्रों को योजना का लाभ दिए जाने के लिए कवायद तेज कर दी थी। रविवार को सूबे में भाजपा की सरकार बनी तो केंद्र ने तोहफे के रूप में प्रधानमंत्री आवास आवंटन का लक्ष्य बढ़ाते हुए जिले को भारी भरकम रकम आवास के लिए भेज दी। तोहफे के रूप में केंद्र ने 2556 आवासों का बजट भेजा है। प्रधानमंत्री आवास योजना की यह कौशाम्बी को पहली किस्त है। ऐसे में अब जिले के 9791 पात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिलेगा। एक आवास की लागत एक लाख 20 हजार रुपये है। इस हिसाब से जिले को 30 करोड़ 67 लाख 20 हजार रुपये मिले हैं। लक्ष्य और रकम मिलते ही जिम्मेदारों ने पात्रों की चयन सूची से क्रमवार पात्रों को लाभान्वित किए जाने की कवायद शुरू कर दी है।
शासन ने वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य बढ़ा दिया है। 2556 और आवास मिले हैं। पुराने पात्रों के साथ नए लाभार्थियों का चयन सूची के आधार पर करते हुए धनराशि खाते में समय से भेज दी जाएगी।
राजेश कुमार मिश्र, परियोजना निदेशक