स्थानीय पावर हाउस के मंझनपुर फीडर का तार शनिवार की शाम पांच बजे टूटकर गिर गया। तार से उठी चिंगारी के चलते इछना गांव के एक किसान के गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। फसल जलता देख मौके पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर किसी तरह काबू पाया तो, पड़ोस के खेतों की फसलें बचीं। जर्जर तारों से हो रहे लगातार हादसे को लेकर इलाकाई लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
सरायअकिल पावर हाउस के मंझनपुर फीडर की लाइन 25 किलोमीटर लंबी है। लगभग 40 साल पहले बनी इस लाइन की तारें जर्जर हो चुकी हैं। इसके चलते आए दिन तार टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहती है। मौजूदा समय में तारों के टूटकर गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल निशाना बन रही है। पहली घटना बृहस्पतिवार की शाम घटी थी। म्योहर गांव के मजरा कमालपुर में तार टूटकर गिरने से नन्हूक लाल व बीरबल सिंह की दो बीघा फसल जलकर राख हो गई।
दूसरी घटना शनिवार की शाम पांच बजे इछना गांव के किसान के साथ घटी। गांव के भैरव प्रसाद के खेत में टूटकर गिरा विद्युत तार से उठी चिंगारी ने बीघा भर गेहूं की फसल जलाकर राख कर दिया। गनीमत रही कि आग अगल-बगल के खेतों तक नहीं पहुंच सकी। घटना को लेकर इलाकाई लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है। उधर विभाग है कि जर्जर तारों को बदलने का नाम ही नहीं ले रहा है। मामले में जेई सौरभ मौर्य का कहना था कि तार के जर्जर होने की रिपोर्ट ऊपर भेजी जा चुकी है। नए तार उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। जब तार मिलगा तभी समस्या से निदान मिल सकेगा।