जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कस्बाई क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण लोग गर्मी से राहत नहीं पा रहे हैं और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
जिले में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में बिजली की आंख-मिचौली लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। मंझनपुर और आसपास के गांवों में दिन और रात दोनों समय हो रही कटौती से लोग बेहाल हैं। कूलर, एसी और पंखे बंद रहने से गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
डिहवा निवासी अक्षय मौर्या ने बताया कि उनके गांव में कई दिनों से दोपहर के समय बिजली कट जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अभिषेक कुमार का कहना है कि लंबे-लंबे कट के कारण वैकल्पिक साधन न होने से हालात और खराब हो जाते हैं।
मंगरोहनी के रितेश कुमार के अनुसार दोपहर में दो से तीन घंटे तक बिजली गायब रहती है और बार-बार ट्रिपिंग से उपकरण खराब होने का डर बना रहता है। पश्चिम शरीरा के अमन केशरवानी ने बताया कि शाम के समय भी घंटों बिजली गुल रहती है।
देवीगंज, दारानगर और कछुआ पावर हाउस क्षेत्रों में भी हालात कमोबेश एक जैसे हैं। वहीं पुरखास उपकेंद्र में सुबह से लेकर देर रात तक कई शिफ्ट में कटौती की जा रही है। सिराथू और अजुहा क्षेत्र में भी दिनभर चार से पांच घंटे बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं। साथ ही चायल कस्बे में तो प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।
भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग (लोड) काफी बढ़ गई है। एसएलडीसी (पावर) के निर्देशानुसार लोड मैनेजमेंट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर आपूर्ति रोकी जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ट्रांसफाॅर्मरों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, क्योंकि अधिक लोड के कारण उनके फुंकने की आशंका बनी रहती है। उपभोक्ताओं को यथासंभव निर्धारित रोस्टर के अनुसार ही बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। - इंजी. राम कुमार कुशवाहा, अधिशाषी अभियंता, मंझनपुर