करारी (कौशाम्बी)। आधी रात से सुबह 6 बजे तक की बिजली कटौती से करारी कस्बे के लोग रतजगे को मजबूर हैं। वहीं दिन में भी दोपहर से लेकर शाम तक बत्ती गुल रहती है। बिजली कटौती के इस रोस्टर से लोगों ने रात में चैन मिल रहा है और न दिन में आराम। आक्रोश है कि शिकायत के बाद भी कस्बे में बिजली की आपूर्ति का समय बदला नहीं जा रहा है।
गर्मी आते ही करारी कस्बे की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से पूरी तरह उतर गई है। कस्बे के रहने वाले श्याम सुंदर केसरवानी, गोलबाबू, पंकज शर्मा, पुष्कर जायसवाल, इमरान रिजवी, निहाल मौर्य आदि ने बताया कि हफ्तेभर से कस्बे में बिजली कटौती का जो समय है। उससे लोगों को रतजगा करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि इन दिनों करारी कस्बे में सुबह छह से दिन में 11 बजे तक आपूर्ति मिलती है। रात का भी यही हाल है। रात में 11 बजे से सुबह छह बजे तक बत्ती गुल रहती है। लोग बताते हैं कि करारी कस्बे के लोग जब रात में खा-पीकर सोने की तैयारी कर रहे होते हैं, तभी 11 बजे बत्ती चली जाती है।
इसके बाद सुबह 6 बजे इसके दर्शन होते हैं। ऐसे में इस भीषण गर्मी के मौसम में लोगों को रात भर जागना पड़ता है। क्योंकि गर्मी के कारण कमरे दहकते रहते हैं। बगैर पंखा, कूलर एक मिनट भी कमरे में रहने पर लोग पसीने से भीग जाते हैं। वहीं बंदर और मच्छरों के कारण मकान की छत पर लोगों का सोना मुश्किल है। इधर, दिन में भी बिजली नहीं रहने के कारण जहां लोगों को एक मिनट भी आराम करना मुश्किल है।
वहीं लोगों का काम धंधा चौपट हो रहा है। इलेक्ट्रानिक सामानों के दुकानदार तो बिजली आपूर्ति के इस रोस्टर से सबसे ज्यादा परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिजली के अभाव में उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है। कस्बाईयों का कहना है कि कई बार बिजली विभाग के अफसरों को समस्या से अवगत भी कराया गया। इसके बाद भी आपूर्ति रोस्टर में बदलाव नहीं किया जा रहा है। लोगों ने एक्सईएन को प्रार्थनापत्र देकर शाम आठ बजे से सुबह 5 बजे तक और दिन में 11 बजे से चार बजे तक बिजली आपूर्ति की मांग की है। अनदेखी पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।