सिराथू ट्रांसमिशन में 63 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर को बदलने में अभी 10 दिन और लगेंगे। इसी वजह से जिले के 100 गांवों के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा।
सिराथू स्थित 220 केवी उपकेंद्र में दो ट्रांसफॉर्मर लगे थे। इनमें एक 40 तो दूसरा 63 एमवीए का था। 33/11 उपकेंद्र सिराथू तहसील, पूरामुरीदन, घटमापुर, भरवारी, कमालपुर, सैनी और धाता को यहीं से बिजली दी जाती है। सैनी फीडर से ही अजुहा उपकेंद्र भी जुड़ा हुआ है। 30 जून को 63 केवीए का ट्रांसफॉर्मर जल गया था। इसके बाद कमालपुर फीडर को कसिया ट्रांसमिशन से जोड़ दिया गया।
वहीं, अन्य फीडरों को 40 एमवीएम के ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। कहने के लिए तो विभाग सभी फीडरों पर निर्धारित 18 और 22 घंटे बिजली दे रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को इतनी आपूर्ति नहीं मिल रही है। ट्रांसमिशन का लोड मैनेज करने के लिए 33/11 उपकेंद्रों से कटौती की जा रही है। इससे इन 33/11 उपकेंद्रों से जुड़े 100 गांवों में बिजली की समस्या से लोगों को जूूझन पड़ रहा है।
कस्बे के सुधांशू गुप्ता, अजुहा के दुर्गेश कुमार, घटमापुर के लवलेश सिंह का कहना है कि जब से ट्रांसमिशन का एक ट्रांसफॉर्मर फुंका है तब से बिजली आपूर्ति का रोस्टर धड़ाम हो गया है। न तो बिजली आने का समय है और न ही जाने का। नगरीय इलाके को 22 तो ग्रामीण को 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेनिक चार से घंटे कटौती हो ही जाती है।
सिराथू ट्रांसमिशन में 63 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगने में अभी 10 दिन और लगेंगे। फिलहाल कहीं बिजली आपूर्ति की दिक्कत नहीं है। फाल्ट आने पर ही आपूर्ति बाधित हो रही है।
अंकित कुमार-एक्सईएन, मंझनपुर