जिले के सात कोल्ड स्टोर में अभी भी लगभग एक लाख से ज्यादा बोरी आलू डंप है। सीजन खत्म होने के बाद भी इस आलू की निकासी नहीं हो पा रही है। किसान स्टोर की झांकने तक नहीं जा रहा है। इससे स्टोर मालिक भी परेशान हो गए हैं। नोट बंदी की वजह से यह समस्या खड़ी हुई है।
जिले में सात कोल्ड स्टोर है। इनकी कुल भंडारण क्षमता 57 हजार टन है। स्टोर से अक्तूबर माह में आलू किसान निकाल लेते हैं। इनमें बीज के साथ ही बिक्री के लिए भी आलू निकाला जाता है। फसल लेट होने के कारण किसान भी सुस्ता रहा था। परिणाम यह हुआ कि पुरानी नोट बंद हो गई। किसान आलू निकालने की तैयारी कर रही रहा था कि ऐसी मार पड़ी कि वह तिलमिला कर रह गया। स्टोरों में अभी भी लगभग एक लाख बोरी आलू डंप है।
कई स्टोरों से आलू बाहर निकाल दिया गया। इस समय स्टोर की सफाई आदि का भी काम चल रहा है। नई फसल को स्टोर करने की तैयारी चल रही है। ऐसे में आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसान के पास रुपया है नहीं कि वह स्टोर से अपना आलू निकाल सके। इससे स्टोर मालिक भी परेशान हैं। मां शारदा कोल्ड स्टोर के मालिक प्रकाश केशरवानी ने बताया कि फिलहाल स्थिति ठीक नहीं है। अभी उनके यहां मशीन चल रही है। आलू बाहर नहीं निकाला गया है। करीब दस हजार बोरी आलू डंप है। जिन स्टोरों से आलू निकाला जा चुका है, वह जरूर खराब हो सकते हैं। निकासी नहीं हो रही है। बताया कि जनपद में उनसे बड़े स्टोर भी हैं। इस हिसाब से लगभग एक लाख बोरी आलू डंप है।
नए आलू ने पुराने का भाव गिराया
मार्केट में नया आलू आ गया है। अगैती खेती करने वालों ने खुदाई शुरू कर दी है। नया आलू आने से पुराने आलू का भाव भी गिर गया है। इससे किसान समस्या में फंस चुका है। यदि यही स्थिति रही तो किसान को लागत का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
स्टोर से आलू निकालने के लिए किसान के पास नकदी रुपया होना चाहिए। किसान अपनी ही समस्या से जूझ रहा है। यदि यही स्थिति रही तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मेवाराम, प्रभारी उद्यान अधिकारी