दरियापुर मझियांवा गांव की दलित बस्ती में करीब डेढ़ दशक पहले विधायक निधि से बनी सड़क बदहाल है। सड़क पर हर तरफ बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इस वजह से इस सड़क पर पैदल भी चलना दुश्वार हो गया है। जलभराव से दिक्कत बढ़ गई है। परेशान लोगों ने कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
नगर पालिका परिषद भरवारी में शामिल होने के बाद भी दरियापुर मझियांवा की दलित बस्ती के लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वार्ड नंबर नौ सुभाष चंद्र बोस नगर में वर्ष 2012 में विधायक निधि से बनी करीब 300 मीटर सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
जलनिकासी के लिए नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी रास्ते पर बहता है। सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण के लिए नगर पालिका में बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। मामले की पड़ताल करने टीम पहुंची तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। सभी ने अपनी-अपनी परेशानी बताई।
वर्ष 2012 में तत्कालीन सिराथू विधायक वाचस्पति की निधि से गांव में करीब 300 मीटर सड़क बनवाई गई थी। डेढ़ दशक में सड़क कई जगह से टूट चुकी है। गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। मरम्मत के लिए नगर पालिका में कई बार लिखित शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
अधिवक्ता विंदेश्वरी प्रसाद, नगरीय
पहले गांव में समस्या होने पर ग्राम प्रधान से शिकायत करने पर समाधान की उम्मीद रहती थी। अब नगर पालिका में बार-बार शिकायती पत्र देने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। बस्ती में सफाईकर्मी भी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आता। इससे लोगों को गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रामविलास, नगरीय
बस्ती की मुख्य सड़क के साथ दूसरी गलियों की हालत भी खराब है। नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी रास्ते पर बहता रहता है। बारिश में जलभराव होने पर पानी निकालने के लिए पनचक्की लगानी पड़ती है। लोगों ने सड़क की मरम्मत और नालियों का निर्माण कराने की मांग की है।
रवि कुमार, नगरीय
वर्जन::
विधायक निधि से बनी सड़क की मरम्मत के लिए डूडा विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। जल्द ही सड़क और नाली का निर्माण कराया जाएगा।
राम सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद भरवारी
धर्मराज के घर से कमलेश के घर तक कच्चा रास्ता। संवाद
धर्मराज के घर से कमलेश के घर तक कच्चा रास्ता। संवाद
धर्मराज के घर से कमलेश के घर तक कच्चा रास्ता। संवाद
धर्मराज के घर से कमलेश के घर तक कच्चा रास्ता। संवाद