कड़ाधाम पुलिस की गिरफ्त में कछुआ तस्कर। स्रोत: पुलिस मीडिया सेल
कोतवाली पुलिस ने कछुओं की तस्करी करने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर न्यायालय भेजा है। अदालत ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। तस्कर ने कुबूल किया कि कछुए का शिकार करते थे। अगर 20 नाखून का कछुआ हाथ लगता था तो उसकी बोली बाजार में लाखों रुपये में लगती थी। लोग इसे घर में धनवर्षा होने को बात कहकर मुंहमांगी कीमत देने को तैयार रहते थे। इसी लालच में फंसकर वह तस्कर बन बैठे।
कड़ाधाम कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गंगा नदी के हनुमान घाट पर मंगलवार को कुछ लोग कछुए का शिकार कर रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने घाट पर दबिश दी। मौके से छविनाथ, सुरेश, सोनू निवासी गांधी नगर थाना जगदीश नगर जनपद अमेठी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से तीन जिंदा व एक मृत कछुआ बरामद हुए। एक कछुए का अवशेष भी मिला है। इसके अलावा कछुआ के शिकार में प्रयुक्त होने वाला चाकू, सरिया व जाल भी मिला है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सुरेश ने बताया कि वह कछुआ की तलाश में गंगा के किनारे मीलों तक का सफर करते है। गर्मी में नदी का पानी कम हो जाता है। इसकी वजह से कछुआ जहां लोगों का आना जाना कम होता है, वहां घूमते हैं। इससे शिकार करने में आसानी होती है। वह लोग छोटे कछुए का ज्यादा शिकार करते थे। कछुए के अगर 20 नाखून हुए तो उसकी कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये तक लगती थी। लोग मानते हैं कि इस कछुए को घर में रखने से धनवर्षा होती है। यह गोरखधंधा वह लोग काफी दिनों से करते आ रहे हैं। थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि अमेठी जनपद की पुलिस से संपर्क कर तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बरामद जिंदा कछुए को गंगा में डलवा दिया गया है।