हिंदी माह पूस (पौष) के पहले ही दिन शुक्रवार को सर्दी बढ़ गई है। पछुआ हवा की रफ्तार ने शुक्रवार को गलन भरी सर्दी का एहसास कराया। अधिक व न्यूनतम तापमान स्थिर रहने के बाद भी सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग का मानना है कि इस माह कड़कड़ाती सर्दी का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।
पांच दिसंबर से पूस प्रारंभ हो गया है। चार दिसंबर को मार्गशीर्ष महीने की समाप्ति हो गई है। पूस के पहले ही दिन जाड़ा ने एहसास करा दिया है। बादलों और पछुआ हवा की जुगलबंदी के असर से मौसम सर्द हो गया है। अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शुक्रवार को लगभग आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद हवा चलने से देर शाम तक सर्दी बढ़ गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ सकती है। रात के तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है, जबकि दिन के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव रह सकता है। बादलों की आवाजाही और तेज हवा के कारण दृश्यता का ग्राफ दोपहर बाद कमजोर होता गया और शाम पांच बजे के बाद ठिठुरन भरी सर्दी का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, मौसम पूरे माह इसी तरह रहने वाला है और पछुआ ने अगर और रफ्तार पकड़ी तो शीतलहर शुरू हो सकती है। कोहरे की बात करें तो इसके घनत्व में इजाफे का अनुमान है।