तहसील क्षेत्र की करीब छह लाख की आबादी दोपहर बाद डग्गामार वाहनों पर ही आश्रित रहती है। खासकर अगर किसी को प्रयागराज तक जाना पड़े तो 45 किलोमीटर का सफर डग्गामार वाहन से तीन घंटे में पूरा करने की मजबूरी बन जाती है। मुसाफिरों को इन डग्गामार वाहनों के इंतजार में सड़क किनारे सर्दी में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है।
चायल तहसील क्षेत्र की कुल आबादी छह लाख के करीब है। इतनी बड़ी आबादी से हर रोज हजारों लोगों का प्रयागराज जाना आना होता है। सरायअकिल नगर पंचायत में परिवहन का बस अड्डा है। यहां तैनात लिपिक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि इलाके के यात्रियों के लिए प्रयागराज के लिए पांच बसों का संचालन किया जाता है।
इनमें से चार बसें बेनीराम कटरा, तिल्हापुरमोड़, चायल कस्बा से मनौरी होकर प्रयागराज शहर जाती हैं। जबकि एक बस सुबह छह बजे सरायअकिल से पुरखास, नेवादा होकर प्रयागराज जाती है। वहीं तीन बसों का संचालन सुबह साढ़े पांच बजे से सवा छह बजे के बीच किया जाता है। पहली बस साढ़े पांच बजे, दूसरी बस छह बजे और तीसरी बस सवा छह बजे प्रयागराज के लिए जाती है। जबकि चौथी बस साढ़े नौ बजे और पांचवी बस दोपहर डेढ़ बजे प्रयागराज जाती है।
दोपहर बाद प्रयागराज के लिए एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं किया जाता है। ऐसे में तहसील क्षेत्र के यात्रियों को दोपहर बाद मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। डग्गामार वाहनों के जगह जगह रुकने से सरायअकिल से प्रयागराज तक 45 किलोमीटर ढाई घंटे से तीन घंटे में पूरी होती है।
दोपहर बाद सरायअकिल से प्रयागराज जाने के लिए डग्गामार बस या फिर मैजिक से जाना पड़ता है, ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
आकाश सिंह कस्बा चायल
चालक वाहन में जब तक पूरी सवारियों को भर नहीं लेते हैं। तब तक वह चौराहों पर ही खड़े रहते हैं। ऐसे में अक्सर एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है।
राकेश यादव तिल्हापुर मोड़।
यह बात सही है कि सरायअकिल से प्रयागराज मार्ग पर सिर्फ पांच बसें ही संचालित हैं। दो बसें मंझनपुर के रास्ते प्रयागराज भी जाती है। एक बस फिर से बढ़ाई गई है।
आरएस. वर्मा, एआरएम, लीडर रोड
सरायअकिल स्थित रोडवेज बस अड्डा। संवाद
सरायअकिल स्थित रोडवेज बस अड्डा। संवाद