टेंवा स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले राजकीय पॉलीटेक्निक में बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 5.45 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस प्रोजेक्ट में सिर्फ भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि तकनीकी, सुरक्षा और डिजिटल सुविधाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को आधुनिक माहौल मिल सके।
राजकीय गर्ल्स पॉलीटेक्निक में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को हाईटेक बनाने के लिए तैयार किए गए डिटेल्ड एस्टिमेट में हर छोटे-बड़े खर्च का ब्योरा शामिल किया गया है। कुल लागत 5,45,37,907 रुपये आंकी गई है, जिसमें निर्माण कार्य के साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
योजना के तहत भवन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाने के लिए करीब 5.50 लाख रुपये का प्रावधान है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (एनवीआर), 8 टीबी हार्ड डिस्क, 43 इंच एलईडी मॉनिटर सहित अन्य उपकरणों पर लगभग 5.76 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं छात्रों की सुविधा के लिए लैब और कक्षाओं में फर्नीचर पर करीब 8.28 लाख रुपये खर्च होंगे।
पानी की व्यवस्था के तहत 2500 लीटर की पानी की टंकी, एमएस स्ट्रक्चर और वाटर कूलर की स्थापना के लिए लगभग 2.67 लाख रुपये का बजट रखा गया है। डाटा नेटवर्किंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगभग 3.45 लाख रुपये का अलग प्रावधान किया गया है, जिससे सेंटर पूरी तरह डिजिटल रूप से सक्षम हो सके।
इसके अलावा परियोजना लागत में विभागीय कार्य के तहत पांच प्रतिशत की कटौती भी दर्शाई गई है। सेंटर के बनने से छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, प्रैक्टिकल लैब और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का पूरा एस्टिमेट शासन के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें छात्रों के लिए सभी जरूरी तकनीकी और सुरक्षा सुविधाओं को शामिल किया गया है। सेंटर के तैयार होने के बाद यहां पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर माहौल मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई आसान होगी और वे भविष्य में बेहतर सफलता हासिल कर सकेंगे। -एसके सिंह, प्राचार्य