- वर्ष 2006 में अब्दुल कवि ने कराया था घर के पते से लाइसेंस
मंझनपुर (कौशाम्बी)। बसपा विधायक राजू पाल के हत्यारोपी माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि की लाइसेंसी रायफल अब तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सीबीआई जांच में जब कवि का नाम प्रकाश में आया, तभी वह घर में रायफल रखकर फरार हो गया था। इसके बाद की जानकारी वह नहीं दे रहा। हालांकि उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सोमवार को 21 अवैध असलहे, 25 बम और 88 कारतूस तो बरामद किए थे।
राजूपाल हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने वर्ष 2009-10 में विवेचना के दौरान सरायअकिल कोतवाली के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में लाया था। इसके बाद से ही कवि फरार हो गया था। अब्दुल कवि माफिया अतीक का शूटर है। जब अतीक फूलपुर से सांसद था तभी सत्ता का लाभ लेते हुए कवि ने वर्ष 2006 में रायफल का लाइसेंस कराया था। 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की हत्या के बाद कवि का नाम सुर्खियों में आया। पता चला कि सरायअकिल कोतवाली में वर्ष 2020 में उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर हत्याकांड के एक अन्य गवाह चकपिन्हा निवासी ओम प्रकाश पर जानलेवा हमला किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने कवि के घर पर शूटरों के पनाह लेने की खबर पर तीन मार्च को छापा मारा था, शूटर तो नहीं मिले लेकिन घर की दीवारों में छिपाकर रखे गए कई असलहे बरामद हुए। जिला पुलिस ने कवि पर शिकंजा कसा तो उसने पांच अप्रैल को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस सरायअकिल कोतवाली में दर्ज दो मुकदमों के मामले में उसे न्यायिक अभिरक्षा में पूछताछ के लिए रविवार को 36 घंटे की रिमांड पर लेकर आई थी। पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि कवि की निशानदेही पर उसके घर के समीप जमीन में गाड़ कर रखे गए 21 नाजायज असलहे, 25 बम व 88 कारतूस मिले। इसके बाद भी पुलिस कवि की लाइसेंसी रायफल के बाबत पता नहीं लगा सकी।
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शाइस्ता व गुड्डू मुस्लिम से भी मिलता था कवि
पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो उमेश पाल हत्याकांड के बाबत जब कवि से पूछताछ की गई तो उसने किसी तरह की जानकारी से इंकार किया। फरारी काट रही माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता व शूटर गुड्डू मुस्लिम की बाबत उसने सिर्फ यह बताया कि पहले कभी कभार मुलाकात होती थी।
कई प्रदेशों में काटी फरारी, अनजान नंबरों से की पत्नी से बात
अब्दुल कवि ने यह भी बताया कि सीबीआई जांच में जब उसका नाम राजू पाल हत्याकांड में प्रकाश में आया तो वह घर से फरार हो गया। इसके बाद उसने कई प्रदेशों में अपना ठिकाना बनाया। घर में पत्नी से बात की लेकिन कभी भी अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। दूसरे के नंबरों से बात की।
कोट
कवि से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। कवि ने बताया कि फरारी के दौरान उसने रायफल घर में ही छोड़ दी थी। शायद उसके भाइयों ने किसी को रायफल दे दिया होगा। रायफल की बरामदगी का भी प्रयास किया जा रहा है।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी