दोआबा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की कमाई का जरिया बन गई है। गांवों में योजना का लाभ देने के लिए प्रधान-सेक्रेटरी मनमाने तरीके से लाभार्थियों की सूची तैयार कर रहे हैं। मामले में अफसरों ने संजीदगी नहीं दिखाई तो पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से पूरी तरह से वंचित रह जाएंगे।
जिले भर की 498 ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने के लिए गरीबों की सूची तैयार कराई जा रही है। अफसरों के निर्देश पर ग्राम सभाओं में तैयार की जा रही सूची में मनमानी शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी अपात्रों से सांठगांठ कर उनके नाम आवास योजना की सूची में डाल रहे हैं। पात्रों के पास धन न होने के कारण उनके नाम सूची में नहीं डाले जा रहे हैं। बानगी के तौर पर विकास खंड कौशाम्बी के ऐगवां उपरहार को लिया जा सकता है। इस गांव की प्रधान और सेक्रेटरी अनिल कुमार त्रिपाठी ने आवास के लिए खुली बैठक का कोरम पूरा किया। ग्राम पंचायत सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपात्रों के नाम आवासीय सूची में डाले गए हैं। पूर्व में आवास पाने वाले भी शामिल हैं।
इन पात्रों के सूची से गायब किए गए नाम
कौशाम्बी ब्लॉक के ऐगवां उपरहार ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने जमकर मनमानी की है। जिन पात्रों के नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में पहले से था उन्हें काटकर बाहर कर दिया गया है। इनमें गांव के पियारे लाल, राजेश कुमार, सूरजदीन, रामचंद्र, चौबेलाल आदि दर्जनों लोग शामिल हैं। इन पात्रों का आरोप है कि धनाभाव के चलते उनका नाम पात्रता सूची से निकालकर अपात्रों का डाला गया है।
शासन ने निर्धारित कर रखा है मानक
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार ने पात्रता का मानक निर्धारित कर रखा है। इसके अंतर्गत वह व्यक्ति आते हैं जिने के घर में छत नहीं है, खपरैल या पालीथिन डालकर रहने वाले और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले शामिल हैं। पात्रता श्रेणी की जानकारी और मानक की सूची सभी खंड विकास अधिकारियों और एडीओ पंचायत को पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा की जा रही मनमानी किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही है।
डीएम से हुई मनमानी की शिकायत
प्रधानमंत्री आवास योजना में मनमानी की शिकायत बुधवार को डीएम से हुई। चुन्नी का पूरा मजरा ऐगवां उपरहार निवासी मनोज मिश्र ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी आवास पात्रता चयन में अपात्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया है।
मानक के विपरीत एक भी लाभार्थी को आवास की रकम जारी नहीं होगी। यदि गुमराह कर किसी प्रधान या सेक्रेटरी ने ऐसा किया तो धनराशि वापस करने के साथ-साथ उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ कौशाम्बी