पिछले होली में इन लोगों के साथ हुई घटनाएं
केस नं-एक- मंझनपुर के राम कैलाश ने बताया कि पिछले साल की होली में बेटे को चार-पांच लोगों ने पकड़कर रंग डाल दिया था, उस दौरान थोड़ा रंग बेटे की आंखो में चला गया था। बेटे ने जलन कम करने के लिए बाजार से एक ड्राप लेकर आंखों में डाल लिया था। इस कारण बेटे की आंखों में सूजन आ गई थी। दिक्कत ज्यादा हुई तो बेटे को जिला अस्पताल में दिखाया, डॉक्टर ने इलाज किया और अब बेटे के आंखों की दिक्कत खत्म हो गई।
केस नं-दो- कांशीराम कलोनी समदा निवासी सिद्धार्थ ने बताया कि पिछले साल की होली में लोगों ने शरीर में गंदा पानी डाल दिया था, जो आंखों में भी चला। इससेआंखों में दिक्कत होने लगी थी, दिनरात आंख में जलन की परेशानी होती थी। ऐसा करीब एक हफ्ते चला, पहले अपने से उपचार किया। बाद में राहत नहीं मिली तो मजबूरन डॉक्टर को दिखाना पड़ा, डॉक्टर ने देखा तो फटकारते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही मंहगी पड़ सकती है। अगर ऐसी दिक्कत हो तो स्वयं का इलाज करने से बचें और नियमित डॉक्टर से मिलकर ही इलाज कराएं।