अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों के खून की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और खेतों में बढ़ते काम का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन विभाग में तैनात कर्मचारियों के अनुसार ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज इलाज कराने आते हैं, जिनमें 40 से 50 मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। वहीं, 10 से 15 मरीजों की प्लेटलेट्स भी कम पाई जा रही हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि इस समय मौसम में बदलाव के साथ खेतों में फसलों की कटाई का काम भी तेजी से चल रहा है। अधिक धूप और लगातार मेहनत के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मरीज लंबे समय तक बुखार से पीड़ित रहते हैं, जिससे उनकी प्लेटलेट्स घटने लगती है।
डॉ. संजीव ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर तुरंत दवा लें और खेतों में काम करने न जाएं, बल्कि आराम करें और बुखार उतरने के बाद ही काम पर जाएं। धूप में काम करते समय सिर पर गमछा या कपड़ा रखें और अधिक से अधिक धूप से बचने का प्रयास करें।