कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय समेत अन्य प्राथमिक और जूनियर स्कूलों से हुनरमंद खिलाड़ियों की पौध निकले इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों के खिलाड़ियों के अंदर की प्रतिभा निखारने के लिए एक विद्यालय एक खेल योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भारतीय खेल प्राधिकरण की तर्ज पर कस्तूरबा समेत अन्य स्कूलों को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए हर प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार, जूनियर हाईस्कूल और केजीबीवी को 10 हजार और इंटर कॉलेजों को 25 हजार रुपये खेल सामान खरीदने के लिए दिए जाएंगे।
जिले में प्राथमिक और जूनियर के 1089 विद्यालय हैं। जबकि कस्तूरबा के आठ विद्यालय हैं। अंडर-14, 17 और 19 के खिलाड़ियों को अब सीधे प्रतियोगिता में नहीं भेजा जाएगा। उन्हें पहले 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह शिविर साई की तर्ज पर मंडल स्तर परआयोजित होगा।
इसके लिए 100 से अधिक नामांकन वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित होने के बाद खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।