मंझनपुर। जिले में तीन दिन बाद रविवार को पारा सात से एक डिग्री बढ़कर आठ पर पहुंचा। दोपहर में हुई धूप के बावजूद लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। वहीं, शीतलहर की वजह से सुबह-शाम बरकरार गलन लोगों की कंपकंपी छुड़ा रही है।
रविवार सुबह से ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके चलते लोगों ने भोर से सुबह तक कड़ाके की गलन महसूस की। दोपहर में धूप होने के बाद ही बाजार में चहल-पहल बढ़ी, हालांकि, लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। बता दें कि रविवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप के बाद भी गलन बनी रही। सर्दी से पूरे दिन लोग परेशान रहे। मवेशी अलाव देखकर उसके पास खड़े होने की कोशिश करते रहे। शाम के बाद सर्द हवाओं से ठिठुरन का अहसास होने लगा। शाम को गलन से बचाव के लिए लोगों को अलाव, अंगीठी, हीटर आदि का सहारा लेना पड़ा।
उधर, ठंड बढ़ने केे साथ ही दमा, खांसी, जुकाम, डायरिया और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस ने बताया कि सर्दी का मौसम दमा के मरीजों के लिए खासा तकलीफदेह होता है। इसके साथ ही हृदय रोगियों को भी इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दियों में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर पड़ता है। इससे हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमा व हृदय के रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। बुजुर्गों को सर्दी में निकलने से बचना चाहिए। घर में रहें तब पर भी पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। दमा के रोगी अपने पास हमेशा इनहेलर रखें।