कड़ाके की सर्दी के बीच रोडवेज बसों की बदहाल स्थिति यात्रियों की परेशानियों को और बढ़ा रही है। जिले से संचालित कई रोडवेज बसों के शीशे टूटे हैं जबकि कई बसों के दरवाजे ठीक से बंद नहीं होते। ऐसे में ठंडी हवा सीधे यात्रियों को लगती है जिससे सफर करना मुश्किल हो जाता है। सुबह और शाम के समय यात्रा करने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।
सरसवां जाने वाले यात्री अखिलेश ने बताया कि बस का शीशा टूटा होने के कारण पूरी यात्रा ठंड में कांपते हुए बीती। उन्होंने बताया कि हमेशा रोडवेज की बस से यात्रा करते हैं लेकिन ऐसी स्थिति में पहली बार यात्रा कर रहे हैं। वहीं, महगांव जा रहीं रन्नो देवी ने कहा कि ठंड में सफर पहले से ही कठिन होता है। ऊपर से बसों की यह हालत यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि मजबूरी में रोडवेज बस से यात्रा करनी पड़ती है। साथ ही बताया कि बस में बैठने की सीट पूरी तरह फट चुकी है। ऐसे में बैठकर सफर करने में काफी परेशानी होती है। इसी तरह कस्बे के व्यापारी बबलू, गोलू और रिंकू ने बताया कि कई बसों में सीटें खराब होने के साथ ही शीशे भी टूटे हुए हैं। इसके कारण अंदर ठंडी हवा लगातार आती रहती है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बसों की समय पर मरम्मत न होने से यह स्थिति बनी है। कहा कि सर्दी शुरू होने के बावजूद बसों की जांच और मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है बल्कि बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि सर्दी को देखते हुए सभी बसों के शीशे और दरवाजे दुरुस्त कराए जाएं ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके।
सर्दी को देखते हुए पहले ही सभी बसों के टूटे शीशे, खराब दरवाजे और फटी सीटों को बदलने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी बस में अब भी इस तरह की समस्या सामने आ रही है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
- गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज
मंझनपुर चौराहे पर खड़े रोडवेज के बदहाल स्थित में शींशे। संवाद
मंझनपुर चौराहे पर खड़े रोडवेज के बदहाल स्थित में शींशे। संवाद
मंझनपुर चौराहे पर खड़े रोडवेज के बदहाल स्थित में शींशे। संवाद