दलहनी फसलों की उपज बेहतर है। गरीबों की पहुुंच तक दाल रहेगी, इसके आसार दिख रहे हैं। दलहनी फसलों की फलियों से भरपूर पैदावार की उम्मीद दिख रही है। इससे आम आदमी की पहुंच से गायब दाल का जायका इस बार गरीब भी ले सकेंगे। उधर अच्छी पैदावार से किसानों को भी दलहनी फसल से बेहतर मुनाफे की उम्मीद बंध गई है।
जिले में दलहनी फसलों की पैदावार पिछले दो साल से दगा दे रही है। वर्ष 15-16 अच्छी फली न आने ओर सूंड़ी रोग लगने से अरहर, मटर व चना की फसलें नष्ट हो गई थीं तो वर्ष 14-15 में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से दलहनी फसलें खेतों में ही सड़कर नष्ट हो गई थी। इससे चना, मटर व अरहर दाल के भाव आसमान छूने लगे थे। दाल पर महंगाई छाने से आम आदमी पूरे दो साल दाल की पहुंच से दूर रहा, लेकिन इस वर्ष 16-17 में खेतों में बोई गई दलहनी फसलें इस बार बेहतर दिख रही हैं। अरहर, चना, मटर की फलियों में निरोगिल और मजबूत दाने दिखने के बाद जहां किसानों को इन फसलों से अच्छे मुनाफे की उम्मीद है वहीं आम आदमी की थाली में इस बार दाल दिखेगी।