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जिंदगी की तलाश में गया था अस्पताल, मिली मौत

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जिंदगी की तलाश में गया था अस्पताल, मिली मौत
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जिला अस्पताल के के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज की शौचालय में मौत, हंगामा
परिजनों का आरोप, शौचालय में उतरे करंट से गई जान
पैर के जख्म का इलाज कराने एक दिन पहले भर्ती हुआ था
फोटो...
मंझनपुर। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज बुधवार की देर शाम शौचालय में मृत मिला। जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि वार्ड के शौचालय में करंट आ रहा था। जिसकी चपेट में आने से मरीज की मौत हो गई। वे जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए काफी देर तक हंगामा करते रहे। मौत से आहत परिजनों का कहना था कि जिंदगी बचाने के लिए वे मरीज को अस्पताल लाए थे, जबकि उसे मौत मिली। परिजन देर रात तक प्रकरण की जांच पुलिस से कराने की मांग पर अड़े थे।
सराय अकिल क्षेत्र के इमली गांव का रहने वाला श्रीराम बालक (50) पुत्र स्व, बाबू लाल के दाहिने पैर में काम करते समय सरिया लग गया था। जख्म पुराना होने के कारण घाव में पस आने लगा था। परिजनों ने इलाज के लिए श्रीराम बालक को मंगलवार की शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने मरीज को अस्पताल में एमसीएच विंग के डेंगू वार्ड में 21 नंबर बेड पर भर्ती कर लिया। इलाज से मरीज को काफी राहत थी। बुधवार की सुबह वह खुद उठ कर पैदल चला। शाम करीब 8 बजे वह शौचालय में लघुशंका के लिए गया को काफी देर तक बाहर नहीं आया। परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो वह शौचालय की जमीन पर बेसुध पड़ा था। चीख पुकार सुनकर वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी उसे आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में ले गए। जहां कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने शौचालय में करंट आने का आरोप लगाते हुए मरीज की मौत का जिम्मेवार अस्पताल कर्मियों को ठहराना शुरू कर दिया।
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मृतक श्रीराम बालक के बेटे दीपक ने बताया कि आसपास के मरीजों ने वार्ड के शौचालय में करंट आने की बात कहकर उसे आगाह भी किया था। लेकिन इस बात की जानकारी उसके पिती को नहीं थी और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण उसके सर से पिता का साया उठा गया। दीपक के मुताबिक अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी उस पर पिता का शव जल्द से जल्द अस्पताल से ले जाने का दबाव बना रहे है, जबकि वे मामले की जांच के लिए पुलिस को बुलाए जाने की मांग कर रहे हैं।
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अस्पताल के शौचालय में करंट उतरने का आरोप निराधार है। मैनें खुद जाकर शौचालय की दीवार छू कर देखा है। करंट नहीं आ रहा है। मरीज के पैर में जख्म के चलते कीड़े पड़ गए थे। उसकी हालत गंभीर थी, संक्रमण के कारण ही उसकी मौत हुई है। -डॉ. दीपक सेठ, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
बोले मरीज
अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती मरीज का हना है कि वे वार्ड शौचालय में करंट के झटके लगने की शिकायत कई दिनों से कर रहे थे। वार्ड में बेड नंबर 24 पर भर्ती मरीज बेनी प्रसाद ने बताया कि सुबह कुछ मरीजों को करंट के झटके लगे थे। जिसकी शिकायत वार्ड में तैनात चिकित्सा कर्मियों से की गई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शाम को चीख पुकार मचने पर पता चला एक मरीज की मौत हो गई है।
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क्या कहती हैं वार्ड प्रभारी
एमसीएच विंग की वार्ड प्रभारी दीपिका राय ने बताया कि शौचालय में मरीजों ने कुछ दिन पहले करंट आने की शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने उच्च अधिकारियों को समस्या का निदान करने के लिए पत्र लिखा था।
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