पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से इलाके के उपभोक्ताओं को सिर्फ रात में बिजली आपूर्ति की जाती है। दिन की बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही। आपूर्ति का यह हाल पिछले दस दिन से है। उपभोक्ताओं ने कई बार मामले की शिकायत प्रभारी जेई से की पर कोई सुधार नहीं हुआ। इसे लेकर उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी है।
पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से स्थानीय गांव के अलावा पूरब शरीरा, पुनवारा, चांदेराई, गढ़ी, नगरेहा, देवाना सहित दर्जनभर गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। जेई आशीष शुक्ल की देखरेख में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर थी। इलाकाई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जेई के अवकाश पर जाने के बाद उपकेंद्र का प्रभार जगरूप वर्मा को दे दिया गया। उनके चार्ज लेते ही दिन की आपूर्ति बंद हो गई। अब उपभोक्ताओं को शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक 12 घंटे बिजली मिलती है। लेकिन दिन में एक घंटे भी बिजली नहीं मिलती। इससे इलाके के उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन की आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ता गर्मी और गुस्से उबल रहे हैं। मामले में जेई से पूछा गया तो उनका कहना था कि दिन में तेज हवा के चलने से हरे पेड़ लाइन में छूटे ही ब्रेकडाउन हो जाती है। इसके चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है।