मिठाई का डब्बा बनाती आसमा। स्रोत: स्वयं
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विकासखंड के अथसराय गांव की रहने वाली आसमा परवीन ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हुनर और मेहनत के बल पर मिठाई का डिब्बा बनाकर न सिर्फ अपनी आय बढ़ाई, बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक संभाल रही हैं।
आसमा परवीन वर्ष 2021 से मखदूम अशरफ महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में वह समूह की अध्यक्ष भी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सीआईएफ के माध्यम से लोन लेकर मिठाई के डिब्बे बनाने का कार्य शुरू किया। इसके लिए उन्होंने मंझनपुर स्थित आरसीटी बड़ौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से विधिवत प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।
खास बात यह है कि वह अपने साथ अन्य महिलाओं को भी इस काम से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। इस कार्य में उनके पति मोहम्मद इसराइल का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। जहां आसमा परवीन घर पर डिब्बा तैयार करने का काम संभालती हैं, वहीं मार्केटिंग और बिक्री की जिम्मेदारी उनके पति निभाते हैं।
आसमा परवीन का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।