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प्रवासी मजदूरों से बदल सकता है पंचायत चुनाव का समीकरण

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प्रवासी मजदूरों से बदल सकता है पंचायत चुनाव का समीकरण
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दिसंबर में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल हो रहा पूरा, इसी साल हो सकते हैं पंचायत चुनाव
मंझनपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का सिलसिला जारी है। पंचायत चुनाव से कुछ माह पहले बड़ी संख्या में प्रवासियों की घर वापसी चुनावी समीकरण बनाने व बिगाड़ने का काम कर सकती है। इसे लेकर गांवों में अभी से माहौल दिखने लगा है। मौजूदा प्रधान प्रवासियों का करीबी बनकर उनके परिवार की वोट में सेंघ लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं संभावित प्रत्याशी भी प्रवासियों की कुशलता जानने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो रहा है। साल के अंत तक चुनाव होने की संभावना है। इस बीच कोरोना वायरस को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने वाले जिले के लोग घर वापस लौट रहे हैं। रोजाना सैकड़ों लोग गैर प्रांतों से वापस आ रहे हैं। इसे लेकर गांवों में पंचायत चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही सियासी पारा गर्म हो गया है। गांव वापस लौटने वाले प्रवासियों की हर संभव मदद के लिए मौजूदा प्रधान दंभ भर रहे हैं। श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर उनके क्वारंटीन होने तक की जिम्मेदारी लेने का दावा किया जा रहा है। वहीं चुनाव में संभावित दावेदारी करने वाले भी किसी तरह से पीछे नही दिख रहे हैं। वह प्रवासी के घरवालों के संपर्क में रहकर हर संभव मदद करने का आश्वासन दे रहे हैं। रोजाना सड़कों पर श्रमिकों का रेला दिख रहा है। अकेले जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन सात सौ से ज्यादा लोग थर्मल स्क्रीनिंग के लिए आ रहे हैं। ये वे लोग है जो दिल्ली, मुंबई, गुजरात आदि जगह काम करते थे। लॉकडाउन के कारण कोई पैदल तो कोई निजी वाहन से घर लौट रहा है। इसके अलावा तीन मई से सरकार ने प्रवासियों के घर वापसी के लिए बसों का इंतजाम कर रखा है। अब तक रोडवेज की बसों से छह हजार के करीब लोग जिले में आ चुके है। अस्पताल और प्रशासनिक आंकड़ों की मानें तो 20 के करीब श्रमिक आ चुके होंगे।
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बढ़ जाएगी मतदाता सूची में वोटरों की संख्या
मंझनपुर। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार नए वोटरों की संख्या में काफी इजाफा होने की उम्मीद है। रोजगार के लिए परदेश में रहने वाले लोग चुनाव में खास दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। चुनाव के ठीक पहले लौटी प्रवासियों की फौज इस बार प्रधान और दावेदारों के लिए खास होगी। सभी उम्मीदवार प्रवासियो का नाम सूची में शामिल कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। माना जा रहा है सितंबर, अक्तूबर से मतदाता पुनरीक्षण शुरू हो जाएगा।
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चुनाव मैदान में आ सकते हैं नए चेहरे
मंझनपुर। प्रवासियो की फौज में आम और खास, हर तरह का व्यक्ति शामिल है। गांवों में इस बात की भी चर्चा खूब है कि बाहर शायद प्रवासी काम के लिए परदेश नहीं नहीं जाए। बाहर से आए प्रवासी पंचायत चुनाव में दावेदारी भी कर सकते हैं। इसे लेकर भी मौजूदा प्रधान व दावेदारी करने वाले लोग सजग है।
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