कौशाम्बी में पंचायत चुनाव में नई हवा चली। जनपद के 498 ग्रामसभा में चुने गए प्रधानों में 70 फीसदी से अधिक पहली बार जनप्रतिनिधि बने हैं। इनमें भी आधे से ज्यादा नई जमात के लोग हैं। इस नई पौध में अधिकतर की उम्र 28 से 40 साल के आसपास की होगी। ग्रामीणों ने यंगिस्तान पर भरोसा करके गांव को नया विकास, नई तरक्की वाली सोच दिखाई है। गंगा-यमुना के बीच कौशाम्बी जनपद बसा है। 16 लाख की आबादी वाले इस जिले में 8 ब्लाकों में कुल 498 ग्रामसभा हैं। जहां गांव की सरकार बनाने के लिए 29 नवंबर से 9 दिसंबर के बीच पंचायत चुनाव हुआ था। प्रधान चुनने के लिए चार चरणों में डाले गए वोटों की गिनती रविवार को हुई। सुबह 7 बजे जैसे ही मतपेटियां खुलने लगी...बैलेट बाक्स से नई हवा से निकलती महसूस हुई।
मतदाताओं ने कई-कई साल से गांव की प्रधानी संभालकर लंबरदार बने दिग्गजों को उनकी करनी का फल दिया। वहीं टिकरी नागी, बौली, डकशरीरा, पूरबसरावां, अंधावां, हटवा, चांदेराई, मुबारकपुर, बैरमपुर, सिंहपुर, चिल्लाशहबाजी, शहजादपुर, दानियालपुर, मीरपुर, जलालपुर साना, चौराडीह आदि 300 से अधिक गांवों में नए-नए चेहरे प्रधान बने नजर आए। इनमें से भी सिंहपुर के विनोद कुमार, चिल्ला शहबाजी गांव का अजय कुमार, बिलासपुर गांव का चतुर्वेदी सरोज, चौराडीह का जीतेंद्र कुमार, टिकरी नागी का मोहम्मद शाहिद सिद्दीकी, जाठी गांव की पूजा मिश्रा, तैयबपुर मंगौरा की रंजना देवी, पल्हना गांव का फूलचंद्र, चांदेराई का अनूप सिंह, बैरमपुर का फूलचंद्र, मुबारकपुर का दीनबंधु, हटवा का पवन मिश्रा, शोभना के दीप नारायण मिश्र, अमनीलोकीपुर गांव के श्यामू, पारा हसनपुर गांव की रबाब मंजूर, उजिहिनी हसनपुर की सना मेराज, लोहरा आयशा मकसूद आदि एकदम नए चेहरे हैं। इन लोगों ने पहली बार मैदान में उतरकर अपनी जीत का परचम लहराया। इसमें अमनीलोकीपुर गांव का श्यामू, उजिहिनी हसनपुर की सना, जाठी गांव की पूजा मिश्रा, लोहरा की आयशा आदि की उम्र तो 25 से 30 साल के ही आसपास है।