जिला पंचायत सदस्य की मतगणना में कौशाम्बी के सभी ब्लाकों में आरोप लगे। इनमें सबसे ज्यादा विवाद नेवादा और कड़ा ब्लाकों में देखने को मिला। जहां प्रत्याशियों ने मतगणना अफसरों पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। घंटों चले बवाल की सूचना पर पहुंचे एसपी मतपेटिका के साथ दोनों प्रत्याशियों और आरओ को मंझनपुर ले आए। इस दौरान भाजपा समर्थित उम्मीदवार का आरोप रहा कि अफसरों ने उसकी एक नहीं सुनी। ऐसा ही विवाद कड़ा के वार्ड नंबर 7 और 8 में रहा।
जिला पंचायत सदस्य पद की लगभग 24 घंटे की मतगणना के बाद परिणाम आने शुरू हुए। इस बीच जैसे ही नेवादा ब्लाक के वार्ड संख्या 28 का नतीजा घोषित किया भाजपा समर्थित उम्मीदवार जयसिंह ने हंगामा शुरू कर दिया। उसका आरोप रहा कि आधी रात के बाद से मतगणना के अंतिम चरण तक वह आगे था। वही जीता भी है। मगर मतगणना ड्यूटी में रहे अफसरों ने गड़बड़ी करके उसे हरा दिया। वह नतीजे पर नाखुशी जाहिर करते हुए समर्थकों के साथ मतगणनास्थल पर हंगामा करने लगा।
मतगणनास्थल पर बवाल की खबर लगते ही एसपी, एसडीएम, सीओ फोर्स लेकर पहुंचे। घंटों मामले के निस्तारण की कोशिश अफसर करते रहे लेकिन बात नहीं बनी। प्रत्याशी जयसिंह दुबारा मतगणना कराने की मांग पर अड़ा रहा। आखिर में एसपी ने मतपेटिका के साथ आरओ और दोनों प्रत्याशियों को मुख्यालय लेकर चले आए। कहाकि डीएम के सामने इस प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा। आरोप है कि यहां लाने के बाद अफसरों ने जयसिंह की कोई दलील नहीं सुनी और नरेंद्र मौर्य को निर्वाचित घोषित कर दिया। कड़ा ब्लाक के भी वार्ड नंबर 7 और 9 में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कम वोटों से हारे उम्मीदवार और उनके समर्थक हंगामा करते रहे। जहां शाम करीब 4 बजे अफसरों ने पहुंच समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।