जिले में धान की खरीद शुरू होने में भले ही दो महीने से अधिक का समय है लेकिन क्रय केंद्रों के निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। विपणन विभाग ने 2025-26 में धान खरीद के लिए 40 क्रय केंद्र बनाए हैं। 2024 में 25 केंद्रों पर ही खरीद की गई थी।
जिले में रबी सीजन में गेहूं और खरीफ में मुख्यतः धान की खेती होती है। गेहूं की बोआई जहां 85 हजार 973 हेक्टेयर रकबे में की गई थी। वहीं 69 हजार 687 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। सरकार दोनों सीजन में क्रय केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीद करती है। धान की फसल तैयार होने में अब भी कम से कम डेढ़ से दो महीने लगेगा।
नवंबर में धान की कटाई और पिटाई शुरू होगी। नवंबर में ही इसकी खरीद शुरू होगी लेकिन विपणन विभाग की तरफ से क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। इनमें विपणन के 17, पीसीएफ के 6, यूपीएएसएस के 9, पीसीयू के 6, मंडी में एक और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल हैं।
जिला विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे ने बताया कि 40 क्रय केंद्र खोले जाएंगे और जरूरत पड़ने पर यह संख्या बढ़ा दी जाएगी। सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एक महीने के अंदर केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने बताया कि अभी तक समर्थन मूल्य तय नहीं हुआ है। उसका निर्धारण होने पर लागू किया जाएगा।
आधार लिंक बैंकों में किसानों के पैसे का भुगतान किया जाएगा। किसानों का पंजीकरण भी जल्द शुरू होगा। किसान किसी भी साइबर कैफे, जन सुविधा केंद्र, मोबाइल से पंजीकरण कर सकेंगे।