फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

60 हजार मीट्रिक टन धान की होगी खरीद

Mon, 25 Sep 2017 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
kaushambi
विज्ञापन
शासन ने जिले के किसानों से धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इसकी सूची जिला खाद्य विपणन अधिकारी को मुहैया करा दी गई। सूची मिलते ही विभाग द्वारा धान खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार जिले भर में किसानों के धान की तौल कराने के लिए 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर तौल एक नवंबर से शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन


खरीफ की प्रमुख फसल धान की खरीद व किसानों को शासन द्वारा समर्थित मूल्य का फायदा देने के लिए विभाग के जिम्मेदारों ने कमर कस लिया है। शासन द्वारा जिले के किसानों का धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग द्वारा जिले के खाद्य विपणन विभाग को किसानों का धान खरीदे जाने के लिए समर्थित मूल्य के साथ 59 हजार 800 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दे दिया गया है।

लक्ष्य मिलते ही जिले का विपणन विभाग किसानों का धान खरीदने के लिए तैयारी में जुट गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने लक्ष्य मिलने के बाद धान खरीद के लिए कुल 46 क्रय केंद्रों का निर्धारण भी कर डाला। निर्देशित किया है कि धान की खरीद एक नवंबर से शुरू होगी। पंजीकृत किसानों का धान तौलाते हुए उन्हें शासन से समर्थित मूल्य कामन धान 1550 रुपए प्रति कुंतल व ग्रेड-ए धान 1590 रुपए प्रति कुंतल की दर से मुहैया कराया जाएगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी का निर्देश मिलने के बाद क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा धान खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


क्रय केंद्रों पर उमड़ेगी किसानों की भीड़
जिले में धान का समर्थित मूल्य इस साल 80 रुपए प्रति कुंतल बढ़ गया है। मूल्य के बढ़ने से किसानों का आकर्षण क्रय केंद्रों की ओर बढ़ रहा है। इसका अंदाजा कृषि विभाग के पोर्टल पर किसानों के हो रहे पंजीयन से लगाया जा रहा है। कृषि विभाग की रिपोर्ट की मानें तो सितंबर माह में पंजीकृत किसानों की संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख पहुंच गई है। किसानों के पंजीयन का आंकड़ा अभी भी लगातार बढ़ रहा है। इससे साफ है कि धान खरीद शुरू होने से पहले यह आंकड़ा पौने दो लाख तक पहुंचेगा। पंजीकृत किसानों की बढ़ रही संख्या इस बात की ओर साफ इशारा कर रही है कि इस साल क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए उनकी भीड़ बढ़ना तय है। ऐसा हुआ तो क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराने के लिए किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें