कोखराज थाना क्षेत्र में रविवार की दोपहर में मां की डांट से रूठकर घर छोड़कर जा रहे एक बच्चे को भरवारी चौकी पुलिस ने उसके परिजनों से मिला दिया। पुलिस के पूछने पर उसने बताया कि मां ने उसे मारा था, जिससे गुस्सा होकर वह घर से भाग आया है।
कोखराज थाना क्षेत्र के रोही चौराहे के निकट एक सात-आठ वर्षीय बच्चा अकेला घूम रहा था। उसे देखकर स्थानीय लोगों ने उससे पूछताछ की लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं हुआ। उसकी उदासी और गुमसुम हालत देखकर रोही निवासी अशरफ को संदेह हुआ। उन्होंने बालक को अपने पास बैठाकर प्यार से समझाया, फिर भी वह खामोश रहा।
इसी बीच सूचना पर भरवारी चौकी के सिपाही योगेश और हर्षित मौके पर पहुंचे। उन्होंने बालक को अपने साथ ले जाकर उससे बातचीत की। तब उसने बताया कि उसकी मां ने उसे मारा है, इसके कारण नाराज होकर वह घर से भाग आया है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने परिजनों इसकी जानकारी दी। चौकी पहुंचे परिवार के लोगों को देखकर उसके और अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
तीन माह में 20 परिवारों में लौटाई मुस्कान
अपनो से किसी कारण से रूठकर घर छोड़ने वाले बच्चों को पुलिस खोजकर मिला रही है। इसके लिए विभाग की ओर से ऑपरेशन स्माइल चलाया जा रहा है। बीते तीन माह में करीब 20 बच्चों को पुलिस ने देश व प्रदेश के विभिन्न स्थानों से खोजकर परिवार के लोगों को सौंपा है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले कौशाम्बी थाने के जाठी गांव के फुफेरे-ममेरे भाई घर से नाराज होकर चले गए थे। इनको नोएडा से तलाश कर परिवार वालों को सौंप गया। करीब एक सप्ताह पहले पइंसा के अनेठा गांव की तीन किशोरियां परिवार से नाराज होकर मुंबई चली गई थीं। तीनों को वहां से लाकर परिवार वालों से मिलाया। सरायअकिल के एक किशोर को वाराणसी से पकड़ा गया है। वह पढ़ाई के लिए डांटे जाने पर घर से चला गया था। पुलिस का यह अभियान लगातार चलता रहेगा।