मंझनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग का 288 व्यापारियों पर कर, ब्याज एवं जुर्माना बकाया है। इसकी अदायगी के लिए पिछले दो माह के दौरान सिर्फ 43 कारोबारी ही आगे आए हैं। उनका एकमुश्त समाधान योजना के जरिये 29 लाख रुपये ब्याज और जुर्माना माफ किया गया। जबकि, 245 कारोबारी अब भी बकायेदार हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग की ओर से की गई जांच में जिले के 288 कारोबारी ऐसे सामने आए, जिन पर विभाग का 3.25 करोड़ टैक्स, 2.87 करोड़ ब्याज और 1.10 करोड़ जुर्माना समेत 7.22 करोड़ रुपये बकाया था। बकाये टैक्स की वसूली के लिए विभाग की ओर से दो माह पहले एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई। इस दौरान जनपद के सिर्फ 43 व्यापारियों ने रुचि दिखाई। इसमें उनका 29 लाख रुपये ब्याज व जुर्माना माफ किया गया। 243 कारोबारियों ने अभी भी बकाया नहीं जमा किया है। विभाग की ओर से अब व्हाट्सएप अथवा फोन कर योजना की जानकारी दी जा रही है।
सरकार की ओर से एमनेस्टी स्कीम के तहत व्यापारी टैक्स भुगतान कर रहे हैं, लेकिन कुछ व्यापारियों की फर्म फेल हो गई है। कई कर्ज में डूब गए हैं। कई आपसी बंटवारे के चलते टैक्स नहीं जमा कर रहे हैं। वहीं, कुछ फर्म फर्जी भी हैं। जबकि कुछ सहूलियत नहीं मिलने से रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रवेश कुमार केसरवानी, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सरकार की ओर से जीएसटी अधिनियम के तहत कई योजना बनाई गई है। सबसे ज्यादा एमनेस्टी स्कीम के तहत व्यापारी टैक्स भुगतान कर ब्याज व अर्थदंड माफी का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना को एक्सपर्ट ही पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। अभी भी कुछ व्यापारी अनभिज्ञ हैं, जिसके चलते देरी हो रही है। -रामप्रकाश मिश्रा, अधिवक्ता,जीएसटी
एमनेस्टी के तहत 31 मार्च तक जमा कर सकेंगे बकाया
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में पंजीकृत उन व्यापारियों के लिए एमनेस्टी स्कीम लाई गई है, जिनके खिलाफ वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 की अवधि में धारा 73 के तहत विभागीय आदेश पारित है। योजना के तहत ब्याज व जुर्माना में छूट दी गई है। यह छूट सिर्फ 31 मार्च तक के लिए है। व्यापारियों से अपील की गई है कि वह निर्धारित तिथि तक इसका फायदा उठा सकते हैं। इसके बाद व्यापारियों को पूरा भुगतान करना पड़ेगा। राजेश कुमार मौर्या, उपायुक्त, राज्य कर