मंझनपुर। भूमि विवाद को लेकर जिले में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद अब ऐसे मामलों की भरमार हो गई है। ऑनलाइन और ऑफलाइन होने वाली शिकायतों के निस्तारण में लेटलतीफी की जा रही है। चायल तहसील में जिलाधिकारी ने खामी पकड़ी। उन्होंने लापरवाह अफसरों पर नाराजगी जाहिर की। उधर जिले की तीनों तहसील में 175 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं, जिसमें सिर्फ 17 लोगों को न्याय मिल सका।
जिलाधिकारी सुजीत कुमार और एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने चायल तहसील में लोगों की समस्याओं को सुना। डीएम ने आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण न पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। यहां 84 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। जिसमें चार का निस्तारण किया गया। बरेठी कमालपुर गांव के अनीस उल्ला ने नवीन परती और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। डीएम ने तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
भोजपुर गांव के नरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, उमाकांत, सुशील कुमार एवं पंकज सिंह ने बताया वर्ष 2009-2010 में चकबंदी कराई थी। जिसमें अभी तक कब्जा परिवर्तन नहीं कराया गया है। चकबंदी अधिकारी को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया। गंधोई गांव के राम आसरे शुक्ला खुद की भूमि पर गांव के ही दबंग व्यक्ति द्वारा जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत की। डीएम ने एसडीएम को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया।
इसी तरह सिराथू तहसील में 129 शिकायतों के सापेक्ष पांच और मंझनपुर में आए 52 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष आठ शिकायतों का निस्तारण किया।