जनपद में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ठगी के चार बड़े मामले सामने आए हैं। इनमें ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर, कहीं ऑनलाइन टास्क का झांसा देकर, तो कहीं खाता हैक कर तीन लोगों से कुल 13.26 लाख रुपये ठग ले गए। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधार कार्ड अपडेट कराने के नाम पर तीन खातों से 2.84 लाख साफ
सिराथू। सैनी थाना क्षेत्र के सिराथू निवासी एक व्यक्ति से पहचान दस्तावेज अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी की गई। पीड़ित के अनुसार, उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए दावा किया कि एक खास फाइल इंस्टॉल करते ही उनके दस्तावेजों और एटीएम कार्ड का सत्यापन हो जाएगा। पीड़ित ने जैसे ही व्हाट्सएप पर भेजी गई उस संदिग्ध फाइल को इंस्टॉल किया, उनके सिराथू स्थित बैंक के तीन अलग-अलग खातों से कुल 2.84 लाख रुपये उड़ गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन और सैनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
ऑनलाइन टास्क के झांसे में फंसी महिला, 3.62 लाख गंवाए
कड़ा। कड़ाधाम थाना क्षेत्र के कड़ा कस्बे की एक महिला ऑनलाइन टास्क पूरा कर घर कमाई करने के लालच में साइबर ठगों के जाल में फंस गई। ठगों ने छह जनवरी को महिला से संपर्क किया और उन्हें अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद आठ से 12 जनवरी के बीच ठगों ने यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में 3 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। यही नहीं, 11 जनवरी को ठगों के कहने पर पीड़िता ने बैंक खाते के जरिये 50 हजार रुपये एक पेटीएम यूपीआई आईडी पर भी भेज दिए। कुल 3.62 लाख रुपये गंवाने के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और कड़ाधाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
खाते से 29 बार में उड़ाए 2.73 लाख रुपये
करारी। कोतवाली क्षेत्र के खोजवापुर रक्सवारा गांव में एक व्यक्ति के खाते में सेंध लगाकर हैकर्स ने लाखों रुपये उड़ा दिए। गांव निवासी सत्यनरायण उर्फ सत्या पुत्र श्यामलाल ने पुलिस को बताया कि 28 मार्च से दो अप्रैल के बीच हैकर्स ने उनके खाते को हैक कर कुल 29 बार में 2.73 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित को इस बड़ी ठगी की भनक तक नहीं लगी। करीब तीन महीने बाद जब वह किसी काम से बैंक गए, तब उन्हें खाता खाली होने की जानकारी हुई। पीड़ित की शिकायत पर करारी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
रिश्तेदार बनकर महिला से 4.07 लाख की साइबर ठगी
मंझनपुर। गौरा गांव निवासी ने बताया कि वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में उनकी पत्नी के मोबाइल पर बीते 22 मई को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को महिला की मौसी का लड़का बताते हुए कहा कि उसे एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया है और तत्काल पैसों की जरूरत है। रिश्तेदारी का हवाला देकर ठग ने महिला को विश्वास में लिया और अलग-अलग बहाने बनाकर कई बार में रुपये ट्रांसफर करा लिए। महिला ने झांसे में आकर कुल 4.07 लाख रुपये भेज दिए। कुछ समय बाद उन्हें साइबर ठगी होने का अहसास हुआ। महिला ने 14 जुलाई को साइबर थाना पहुंचकर लिखित तहरीर दी और अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
इनसेट
साइबर सुरक्षा सर्तकता :
पुलिस और साइबर सेल लगातार नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाली कॉल पर भरोसा न करें। व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों पर भेजी गई किसी भी अज्ञात ऐप या फाइल (.apk) को इंस्टॉल न करें और न ही घर बैठे कमाई वाले किसी संदिग्ध लिंक पर पैसे लगाएं।
किसी भी अनजान कॉल पर खुद को रिश्तेदार, बैंक कर्मचारी या अधिकारी बताने वाले की बातों में न आएं। यदि कोई व्यक्ति आपात स्थिति बताकर रुपये मांगता है तो पहले संबंधित परिजन से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
सीओ शिवांक सिंह, साइबर थाना नोडल प्रभारी