सैनी कोतवाली के बनियन का पूरा गांव स्थित रिश्तेदार के घर में रह रही वृद्धा की बीमारी से मौत हो गई। वृद्धा का शव चिता पर रखा गया था कि खबर खबर पाकर पहुंचे परिवार के अन्य लोग शव ले जाने की बात पर हंगामा करने लगे। सूचना पर आई कोतवाली पुलिस ने समझा-बुझाकर देर शाम शव का अंतिम संस्कार करा दिया। इस दौरान छह घंटे तक शव चिता पर ही रखा रहा।
मंझनपुर कोतवाली के भेलखा गांव की राम सवारी (70) पत्नी स्व. शिव बचान नि:संतान थीं। पति के मौत के बाद वह सैनी कोतवाली के बनियन का पूरा मजरा हिसामपुर माढ़ो गांव में रिश्ते के दामाद मुन्नालाल के घर पर पिछले तीन वर्षों से रह रही थीं। इस बीच काफी दिनों से वह बीमार चल रही थीं। मुन्नालाल उनका इलाज करा रहे थे।
मुन्ना लाल के मुताबिक उनके घर रह रहीं शिव बचान की मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही अन्य रिश्तेदार रविवार को बनियन का पूरा गांव पहुंचे। दोपहर 12 बजे सभी लोग वृद्धा का शव चिता पर रखकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच भेलखा से आए अन्य परिवारीजनों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया और शव घर ले जाने की बात करने लगे। इसे लेकर वाद-विवाद शुरू हो गया।
हंगामे की सूचना पर आई कोतवाली पुलिस ने लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शाम छह बजे बनियन का पूरा गांव में ही वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। इस दौरान छह घंटे तक उनका शव चिता पर रखा रहा और लोग हंगामा करते रहे।
उधर, मकसद में कामयाब नहीं होने पर शव लेने आए अन्य परिवारीजन मुन्नालाल को धमकी देकर वापस भेलखा चले गए। कोतवाल बृजेश करवरिया ने बताया कि परिवार के अन्य लोग वृद्धा का शव ले जाने की जिद कर रहे थे। पति की मौत के बाद जिसने वृद्धा की देखभाल की उसे ही शव के अंतिम संस्कार का अवसर दिया गया।