तीन दिन से लगातार हो रही झमाझम बारिश ओडीएफ अभियान पर भारी पड़ रही है। बरसात होने से शौचालय निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी व कीचड़ भर गया है। इससे निर्माण कार्य प्रधान व सेक्रेट्रियों ने रोक दिया है। बारिश के चलते अफसरों का गांवों में चल रहा मार्निंग फॉलोअप भी ठप हो गया है।
शासन ने जिले की एक-एक ग्राम सभा को 31 दिसंबर तक पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने का फरमान जारी किया है। शासन के फरमान के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सीडीओ, डीपीआरओ सहित जिला स्तरीय सभी अफसरों को नोडल अधिकारी बनाकर गांव-गांव ओडीएफ अभियान चलवाया। नोडल अफसर बनने के बाद अफसरों ने गांवों में जाकर मार्निंग फालोअप शुरू किया।
इस दौरान अफसर सुबह छह बजे गांव पहुंचकर खुले में शौच करने वाले ग्रामीणों को इससे होने वाले नुकसान की जानकारी दे रहे थे और उन्हें खुले में शौच के लिए रोक रहे थे। मार्निंग फालोअप के दौरान नोडल अधिकारी शौचालय निर्माण की प्रगति भी मौके पर जाकर देखते थे। प्रगति खराब होने की रिपोर्ट पर डीपीआरओ द्वारा प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही थी।
जिले में चल रहे ओडीएफ अभियान पर मौसमी बारिश भारी पड़ गई। तीन दिन तक तेजी पकड़ रखे अभियान के तहत गांवों में खुदवाए गए शौचालयों के गड्ढों में पानी व कीचड़ भर गया है। बारिश के दौरान राज मिस्त्रियों ने निर्माण करने से हाथ खड़े कर दिए।
दूसरी ओर अफसर भी गांव नहीं पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर मौसमी बारिश ने जिले की ग्राम सभाओं में चल रहे ओडीएफ अभियान को पूरी तरह से धड़ाम कर दिया है। इस बाबत डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि गड्ढों में जलजमाव होने से काम प्रभावित हुआ है। मौसम साफ होते ही इसे फिर गति दी जाएगी।