राजकीय मेडिकल कॉलेज कौशाम्बी परिसर के बगल में 9.97 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज लगभग तैयार हो गया है। आगामी सत्र से 60 सीटों पर चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग का पहला कोर्स शुरू होगा। बिजली कनेक्शन और अग्निशमन विभाग से एनओसी मिलने के बाद भवन का हैंडओवर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को होगा।
23 जून को प्रस्तावित बैठक में इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया और कक्षाओं के संचालन की रूपरेखा स्पष्ट होगी। पाठ्यक्रम के कुछ विषयों की पढ़ाई मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की तरफ से कराई जाएगी, जबकि नर्सिंग से संबंधित विषय नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाए जाएंगे।
हॉस्टल, लेक्चर हॉल और लैब समेत सभी जरूरी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
नर्सिंग कॉलेज भवन में हॉस्टल, प्रशासनिक विंग, लेक्चर हॉल, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और मेस की व्यवस्था की गई है। छात्रों को आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के संयुक्त संसाधनों का लाभ भी विद्यार्थियों को मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण बेहतर ढंग से हो सकेगा।
जिले के विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा
अब तक नर्सिंग की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को प्रयागराज, लखनऊ या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से जिले के युवाओं को अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे आर्थिक बोझ कम होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ भी तैयार होगा।
मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज के संसाधनों से जिले के विद्यार्थियों को बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। भवन तैयार हो चुका है। बिजली कनेक्शन और फायर की एनओसी की प्रक्रिया चल रही है। इनके पूरा होते ही हैंडओवर की कार्रवाई शुरू होगी। आगामी सत्र से 60 सीटों पर चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग कोर्स शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। 23 जून की बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद आगे की रूपरेखा तय की जाएगी। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट की फोटो। संवाद