जिले में किसानों को अब उर्वरक संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। किसानों की सुविधा के लिए मंझनपुर स्थित साघन सहकारी समिति में सौ एमटी उर्वरक क्षमता का गोदाम बनाया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 32 लाख का टेंडर पैक्सपेड संस्था को दिया है। जिले में हर साल उर्वरक का संकट होता रहा है। वजह यह है कि यहां आने वाली उर्वरक की खेप को पीसीएफ की गोदामों में रखा जाता था। अनाज व अन्य समानों को रखने के कारण यहां उर्वरक को काफी कम रखा जाता था। इसके कारण हर साल जिले में उर्वरक की किल्लत होती थी। इसे लेकर अब राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवी) के तहत जिले में 32 लाख की लागत से बनने वाले उर्वरक गोदाम को मंजूरी मिली है।
यह गोदाम मंझनपुर स्थित साधन सहकारी समिति में बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि का चयन हो गया है। पैक्सपेड संस्था को गोदाम बनाने के लिए अनुबंध भी कर लिया गया है। संस्था ने अपना काम भी शुरू कर दिया गया है। बरसात के कारण परिसर में पानी भरा होने से निर्माण कार्य फिलहाल बंद है। इस बाबत एआर कोऑपरेटिव अजीत कुमार सिंह का कहना है कि जिले में 64 समितियों से उर्वरक का वितरण कराया जाता है। सात हजार एमटी उर्वरक पीसीएफ के गोदामों में रखी जाती थी। अब सरकार की पहल पर सौ एमटी क्षमता का विभाग खुुद का गोदाम बनवा रहा है। आगे भी इसी तरह और गोदाम बनवाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मंझनपुर में गोदाम बनने से काफी हद तक उर्वरक से संकट से निजात मिलेगी।