मंझनपुर। ड्राइविंग लाइसेंस मिलने में लेट लतीफी सहित अन्य शिकायतों से अब निजात मिल जाएगी। नई व्यवस्था के तहत सारथी साफ्टवेयर की मदद से अब सीधे लखनऊ से ही डीएल जारी होगा। हफ्ते भर के अंदर आवेदक के पते पर उसके घर पहुंच जाएगा। ऐसा नहीं होने पर जारी करने वाली एजेंसी पर जुर्माना लगेगा। आवेदक टोल फ्री नंबर देरी की शिकायत भी दर्ज करा सकेगा।
परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस देरी से मिलने की शिकायतों पर गंभीरता दिखाई है। अब तक एमटेक और रोजमार्टा नामक कंपनियों के साथ परिवहन निगम ने स्मार्ट कार्ड डीएल के लिए अनुबंध किया था। इन्हीं कंपनियों के प्रतिनिधि विभिन्न जिलों के कार्यालयों में डीएल बनाने के लिए फोटो खींचने एवं प्रमाणपत्रों के वेरीफिकेशन का काम करते हैं। कौशाम्बी में एमटेक के पास यह जिम्मेदारी है। नई व्यवस्था में अब डीएल जारी करने का टेंडर परिवहन विभाग ने कार्यदायी संस्था मे. स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में इस संस्था के प्रतिनिधि अब यह काम करेंगे।
हालांकि इनके पास केवल फोटो खींचने, प्रमाण पत्रों के वेरीफिकेशन का काम ही होगा। जिला एंव मंडल स्तर पर कार्ड नहीं जारी होगा। पहले वाली एजेंसी जिले से ही आवेदक के पते पर कार्ड भेजती थी। अब डीएल सीधे लखनऊ स्थित केंद्रीय कृत कार्यालय में बनेगा। वहीं से सीधे आवेदक के पते पर भेजा जाएगा। एआरटीओ शंकर जी सिंह ने बताया कि अप्रैल माह से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।